किसी ने सही कहा है जब भी कुछ बोलो तो सोच-समझकर बोलो। क्योंकि कभी-कभी खुद के बोले हुए शब्द ही खुद पर भारी पड़ जाते हैं। आज बात करेंगे राहुल गांधी द्वारा दिए गए चर्चित बयानों के बारे में राहुल गांधी का चर्चा में बने रहना सिर्फ और सिर्फ उनके दिए गए बयानों के कारण है।
अक्सर उनके बयान या तो किसी के हंसी का कारण बनते हैं या फिर तूल पकड़ लेते हैं। सोशल मीडिया पर आज भी राहुल गांधी के लिए सोचो-समझो, फिर बोलो वाली बात चलती रहती है। कह सकते हैं कि अपने बयानों से वो खूब सुर्खिया बटोरते हैं।
बाड़मेर के बायतु में राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित किया। उस सभा में उन्होंने पीएम मोदी और अडानी पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि ये दोनों देश के जेबकतरे हैं और जनता को लूटने का काम करते हैं। मोदी जी आते हैं और इधर-उधर की बातें करकर जनता को भटकाते हैं और अडानी दूसरो की जेब काटकर अपनी जेब भरने का काम करते हैं और हमारे देश में हिन्दू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने का काम करते हैं।
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ये नफरत और हिंसा फैलाने से इन लोगों को क्या मिलता है ? क्यों ये लोग हमारे देश के लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ? जिन मुद्दों पर बात करनी चाहिए उन पर तो ये लोग बात करते नहीं हैं जैसे गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई जो आज जनता की सबसे बड़ी समस्या है। उन समस्याओं से इन दोनों को कोई लेना देना नहीं है।
ये था पहला बयान अब बात करते हैं दूसरे बयान के बारे में, राहुल गांधी ने वर्ल्डकप की हार का ठीकरा पीएम मोदी के सिर फोड़ा था। उन्होंने कहा हम अच्छा ख़ासा वर्ल्ड कप जीत रहे थे, लेकिन पीएम मोदी पनौती है। उनकी नज़र लगी और हम वर्ल्ड कप हार गए। राहुल गांधी का मोदी को पनौती कहना हुआ और ये सोशल मीडिया पर ट्रेंड बन गया।
आगे राहुल गांधी ने कहा हमने एक साल पहले भारत जोड़ो यात्रा शुरू की थी। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हम लाखों लोगों के साथ आंधी-तूफ़ान में पैदल चले, हमारी यात्रा का मकसद था भारत को एक करना और लोगों को जोड़ना ना की तोड़ना। बीजेपी की तरह देश के लोगों में नफरत का बीज बोना नही।
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अब पीएम मोदी के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों से राहुल फंसते हुए नज़र आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने राहुल के बयानों पर एक्शन लिया और राहुल गांधी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि ये बयान आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं। राहुल गांधी को आचार संहिता का दोषी पाया गया है। आयोग ने 25 नवंबर तक राहुल गांधी को जवाब पेश करने के लिए कहा है।
चुनाव आयोग से नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे ने कहा हम इस नोटिस से डरने वाले नहीं है। हम इस नोटिस का डटकर सामना करेंगे और जवाब पेश करेंगे।