द नगरी न्यूज़ डेस्क : राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का पूर्वी राजस्थान में अच्छा-खासा प्रभाव है. इसीलिए जब दौसा में प्रधानमंत्री रोड़ शो करने आए थे तो उन्होंने बाबा को भरतपुर, धौलपुर करौली, अलवर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, टोंक सवाई माधोपुर और कोटा सीट पर बीजेपी के प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी दी थी. इन 7 सीटों में 3 सीट तो भाजपा जीत गई, मगर 4 पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा
भरतपुर में कांग्रेस की संजना जाटव, धौलपुर-करौली में कांग्रेस के भजनलाल जाटव, दौसा में कांग्रेस के मुरारी लाल मीणा तो टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के हरीश चंद्र मीणा ने जीत हासिल कर ली. लेकिन 4 सीटों पर बीजेपी को हार मिली और इसी जिम्मेदारी के चलते चुनाव से पहले किरोड़ीलाल मीणा ने ये भी कहा था की अगर दौसा लोकसभा सीट बीजेपी हरी तो वो इस्तीफा दे देंग अब क्योकि चुनाव परिणाम को आए काफी वक़्त होगया ऐसे में किरोड़ीलाल मीणा का इस्तीफा चर्चाओं में बना हुआ है हालाँकि चुनाव परिणाम आते ही किरोड़ीलाल मीणा ने खुद अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट भी किया था रघुकुल रीति सदा चलि आई। प्राण जाई पर बचन न जाई।।इसी को लेकर बीते दिन कांग्रेस पार्टी ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर तंज भी कसा था दरसल राजस्थान कांग्रेस के एक्स हैंडल से पोस्ट हुआ कि बाबा ने कहां "रघुकुल रीत" है मानी टूटे वचन पर कुर्सी बचाने की ठानी
इस सब के बीच जनता की निगाहें किरोड़ी लाल मीणा के फैसले पर टिकीं हैं कि वो इस असमंजस वाली स्थिति से कैसे बाहर निकलते हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के 9 दिन बाद यह खबर सामने आई है कि किरोड़ी लाल मीणा ने सरकारी गाड़ी छोड़ दी है. साथ ही 4 जून के बाद से वो अपने विभाग नहीं जा रहे हैं और विभाग की फाइलें भी नहीं देख रहे हैं। उन्होंने हाल में सीएम भजनलाल शर्मा और दिल्ली में शीर्ष नेताओं से बात की है। कहा जा रहा है वो सीएम को इस्तीफा मेल कर सकते हैं। यानी इस्तीफे पर स्पष्टता अगले सप्ताह तक होगी।