पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा इन दिनों अपनी शादी को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। 24 सितंबर को दोनों ने उदयपुर के लीला पैलेस होटल में शादी की, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही राघव चड्ढा के सामने एक बड़ी मुसीबत ने दस्तक दी हैं।
बता दे कल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा हैं। कोर्ट ने राघव चड्ढा को टाइप 7 बंगले को खाली करने का आदेश दिया है। बंगला खाली कराने के मामले में कोर्ट ने कहा है कि AAP नेता राघव चड्ढा यह दावा नहीं कर सकते कि आवंटन रद्द होने के बाद भी उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने पूरे कार्यकाल के दौरान सरकारी बंगले पर कब्जा कायम रखने का पूर्ण अधिकार है।
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फिलहाल राघव चड्ढा को लुटियंस दिल्ली में मौजूद टाइप-7 बंगला अब छोड़ना पड़ सकता है। उन्हें इस सरकारी आवास से बेदखल किए जाने पर अदालत ने अप्रैल में जो रोक लगाई थी। उसे गुरुवार को हटा लिया गया। विशेषाधिकार वापस लेने और आवंटन रद्द होने के बाद उस पर कब्जा जारी रखने का उन्हें कोई निहित अधिकार नहीं है। ऐसा कोर्ट का कहना हैं।
बता दे अतिरिक्त जिला जज सुधांशु कौशिक ने 18 अप्रैल को पारित उस अंतरिम आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें राज्यसभा सचिवालय को राघव चड्ढा को सरकारी बंगले से बेदखल नहीं करने का निर्देश दिया गया था। आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चड्ढा ने कहा कि वह उचित समय पर कानून के तहत उचित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, 'निचली अदालत ने शुरू में मेरी याचिका स्वीकार कर ली थी और मुझे अंतरिम राहत दी थी। अब इसने कानूनी आधार पर मेरा मामला पलट दिया है।
अगर बंगले को लेकर बात करे तो राघव चड्ढा को 6 जुलाई 2022 को दिल्ली के पंडारा पार्क स्थित टाइप-6 बंगला नंबर C-1/12 अलॉट किया गया था। आप सांसद राघव चड्ढा ने 29 अगस्त 2022 को राज्यसभा चेयरमैन से टाइप-7 बंगला अलॉट करने का आग्रह किया था। राघव चड्ढा को 3 सितंबर 2022 को राज्यसभा कोटे से पंडारा रोड पर टाइप-7 बंगला नंबर AB-5 अलॉट किया गया। राघव चड्ढा 9 नवंबर 2022 को इस बंगले में शिफ्ट हुए थे।
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अब इसी मामले पर राघव चड्ढा की अपनी प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि सबसे पहले तो मेरे लिए आवंटित आधिकारिक आवास को बिना किसी सूचना के रद्द करना गलत हैं। राज्यसभा के 70 से अधिक वर्षों के इतिहास में यह ऐसा आश्चर्यजनक मौका है कि एक मौजूदा राज्यसभा सदस्य को उसके विधिवत आवंटित आवास से हटाने की मांग की जा रही है। जहां वह कुछ समय से रह रहा हैं और राज्यसभा सदस्य के रूप में उसका कार्यकाल 4 साल से अधिक का है और अभी भी बाकी है।
साथ ही राघव चड्ढा ने अपने बयान में ये भी बताया कि राज्यसभा के 240 सांसदों में से 180 सांसद ऐसे आवास में रहते हैं। जो उनकी पात्रता से अधिक है। इनमें से सिर्फ उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है जो केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
आगे राघव चड्ढा ने कहा कि आवास को लेकर विवाद के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि उनसे पहले भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राकेश सिन्हा, बसपा सांसद दानिश अली और पूर्व भाजपा सांसद रूपा गांगुली को भी टाइप-7 बंगला अलॉट किया जा चुका है। ये सभी पहली बार चुने गए सांसद थे, लेकिन एक्शन सिर्फ मेरे खिलाफ ही क्यों लिया गया।