राजस्थान फोन टैपिंग मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पूर्व OSD लोकेश शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ली है उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की FIR पर गिरफ्तारी से रोक के लिए याचिका लगाई थी। अब दिल्ली पुलिस लोकेश शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र है यानी अब किसी भी समय लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी।
हाईकोर्ट ने लोकेश शर्मा को याचिका वापस लेने की इजाजत दी है वही जस्टिस अनीश दयाल की सिंगल बेंच ने इजाजत दी है। अब लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से लगी रोक हट गई है।अब दिल्ली पुलिस लोकेश शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र है। फोन टैपिंग केस दिल्ली में मार्च 2021 में FIR दर्ज करवाई थी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने FIR दर्ज कराई थी। लोकेश शर्मा ने HC से दिल्ली पुलिस की FIR को रद्द करने की मांग की थी।
जब लोकेश शर्मा से इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पूछताछ की थी तब उन्होने कई बड़े खुलासे किए थे उन्होने बयान में कहा था फोन टेपिंग में मेरी कोई भूमिका नहीं है. तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद पेन ड्राइव में मुझे ऑडियो क्लिप्स दिए थे। उन्हीं के निर्देशों पर मीडिया को मैंने ऑडियो क्लिप्स भेजे."वही इससे पहले भी लोकेश शर्मा ने इससे पहले 25 सितंबर को भी लोकेश शर्मा ने 7 पेज का बयान दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली क्राइम ब्रांच को अशोक गहलोत से पूछताछ करनी चाहिए कि उन्होंने कानूनी रूप से या गैर कानूनी रूप से फोन टैप कैसे करवाए. लोकेश शर्मा के मुताबिक राजस्थान में सियासी संकट के वक्त अशोक गहलोत ने अपने खेमे और सचिन पायलट कैंप के विधायकों के फोन सर्विलांस पर लिए थे।