अगस्त 2023 में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में न्यूज़क्लिक वेबसाइट पर आरोप लगाए गए थे कि चीन प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए एक अमेरिकी करोड़पति ने उन्हें फंडिंग की है। इसके बाद वेबसाइट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि न्यूज़क्लिक ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है।
खबरों के मुताबिक, यह छापेमारी उसी मामले में की जा रही है। इससे पहले न्यूज वेबसाइट और इसकी फंडिंग के सोर्स की जांच साल 2021 में शुरू की गई थी। उस समय दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने वेबसाइट के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में केस दर्ज किया था।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज़क्लिक के प्रमोटरों को गिरफ्तारी से राहत दी थी और तब से यह मामला कोर्ट में है। बता दे कि कथित टैक्स चोरी को लेकर साल 2021 में इनकम टैक्स के अधिकारियों ने न्यूज़ पोर्टल के दफ्तरों में तलाशी भी ली थी।
आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज एक मुक़दमे के सिलसिले में जिसमे आरोप लगाया गया है कि न्यूज़ पोर्टल को चीनी समर्थक प्रोपेगेंडा के लिए धन मिला हैं।
बता दे कि पत्रकार यूनिअनो, विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी संगठनो ने इसकी कड़ी निंदा की हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि 'कांग्रेस, चीन और विवादित न्यूज वेबसाइट न्यूजक्लिक एक ही गर्भनाल से जुड़े हैं। आगे अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब मैं न्यूज क्लिक की बात करता हूं। इसकी फंडिंग की बात करता हूं तब भारत में इसके खिलाफ छापे पड़े।
उसने कहां - कहां से पैसा लिया, कहां से पैसे आए। इन सबकी जानकारी है अगर आप इनकी फंडिंग का जाल देखेंगे तो नोवेल रॉय सिंघम ने इसकी फंडिंग की। फंडिंग उसे चीन की ओर से आई।
सूत्रों के हवाले से पता चला कि उर्मिलेश और अभिसार शर्मा से सहित कुछ पत्रकारों से करीब 25 प्रश्न पूछे गए। जिनमें प्रश्न उनकी विदेशी यात्राओं, शाहीन बाग़ आंदोलन आदि से संबंधित थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुछ पत्रकारों के मोबाइल और लैपटॉप से डंप डाटा रिकवर किया गया है। उर्मिलेश और अभिसार शर्मा जैसे कुछ पत्रकारों को पुलिस की स्पेशल सेल के लोधी रोड दफ्तर ले आए हैं। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं है।
3 अक्टूबर 2023 की सुबह वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश के घर से दिल्ली पुलिस निकल रही थी। एक गाड़ी में बिठाकर उर्मिलेश कहीं ले जाए जा रहे थे। फिर मामला खुला दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कुछ पत्रकारों, लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के घर छापा मारा था। खबरों में छापों की कुल लोकेशन 35 बताई गई थी। ये लोग किसी न किसी रूप में वर्तमान में या अतीत में एक समाचार संस्थान से जुड़े रहे। संस्थान का नाम – न्यूज़क्लिक, ये एक न्यूज़ वेबसाइट है। जिसका अपना यूट्यूब चैनल है और अपने सोशल मीडिया हैंडल भी, ये वेबसाइट हिन्दी और अंग्रेजी दो भाषाओं में काम करती है।
खबरों के मुताबिक, न्यूज़क्लिक के खिलाफ इस छापेमारी में दिल्ली पुलिस की ओर से 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए। छापेमारी के पहले 2 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की मीटिंग हुई और छापे की रणनीति तैयार की गई कि किसके यहां छापा मारा जाएगा और क्यों मारा जाएगा।