राजस्थान की राजनीति में लाल डायरी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विधायक राजेन्द्र गुढ़ा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मैं लाल डायरी को सदन की टेबल पर रखना चाह रहा था लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने ऐसा करने नहीं दिया और इसके बाद मुझे जबरन विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया गुढा ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में मेरे साथ मारपीट की गई। जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जमकर बयानबाजी शुरू हो गई है। गुढा ने मंत्री शांति धारीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि शांति धारीवाल ने मेरे साथ मारपीट की इसके अलावा कांग्रेस के अन्य विधायकों और मंत्रियों ने दी मुझे जबरन विधानसभा से बाहर निकाल दिया
गुढ़ा के आरोप बेबुनियाद
राजेंद्र गुढ़ा के आरोपों पर जवाब देते हुए मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि जो कुछ हुआ विधानसभा के रिकॉर्ड में है ,मंत्री धारीवाल ने कहा सदन में राजेंद्र गुढ़ा मेरी तरफ दौड़े सब मुझ पर झपट्टा मारने की कोशिश की लेकिन मेरे आस पास अन्य कांग्रेस के विधायकों ने घेरा बना लिया और बचा लिया...धारीवाल ने लाल डायरी को लेकर कहा है की लाल डायरी का पूरा किस्सा भाजपा के साथ मिलकर तैयार किया गया है और इसकी पूरी स्टोरी भाजपा ने बनाई है।
बीजेपी को मिला नया मुद्दा
लाल डायरी प्रकरण के बाद अब बीजेपी को कांग्रेस के खिलाफ नया चुनावी हथियार मिल गया हैं। बर्खास्त मंत्री व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र गुढ़ा द्वारा उठाए गए लाल डायरी के मुद्दे को अब बीजेपी चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगी।नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि लाल डायरी के मुद्दे से कांग्रेस भागना चाहती हैं। लेकिन बीजेपी ऐसा होने नहीं देगी। हम गली-मोहल्ले में लाल डायरी के मुद्दे को लेकर जाएंगे। सदन से सड़क तक इस मुद्दे की लड़ाई लड़ेगी।