चुनावों में प्रचंड बहुमत प्राप्त करने के बाद भी राजस्थान में भाजपा अभी तक मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं कर पाई है जिसे लेकर राजस्थान के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी के सीएम चेहरे पर सवाल खडे कर दिए है। चुनावों में हुई हार पर मंथन के लिए दिल्ली पहुंचे राजस्थान के कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति कांग्रेस में बनती तो भाजपा के नेता कांग्रेस में फूट का आरोप लगाना शुरू कर देते। गहलोत ने कहा कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी भाजपा में सीएम का चेहरा कौन होगा इस पर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है। सीएम ने कहा कि सुखदेव सिंह गोगामेडी की हत्या की जांच के लिए भी केंद्र सरकार को मुझे लिखकर भेजना पडा। मैनें ही एनआई जांच के लेटर पर साइन किया है। जबकि प्रदेश में सरकार बदल चुकी है और यह काम नए मुख्यमंत्री का था। गहलोत ने कहा कि राज्यपाल ने मुझे कार्यवाहक सीएम बना रखा है,जब तक नया सीएम शपथ नहीं ले मुझे कार्रवाई करनी पड़ती है। मैं चाहता हूं जल्दी इसका फैसला हो। राजस्थान में कांग्रेस की हार पर भी गहलोत ने कहा कि हमने सरकार रिपीट करवाने की पूरी कोशिश की। हमारी योजनओं को लेकर हम चुनाव मैदान में उतरे लेकिन भाजपा के नेता चुनाव में धर्म की बात करने लगे।
अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड के मामले पर भी बोलते हुए कहा कि भाजपा ने नेताओं ने कन्हैयालाल हत्याकांड झूंठ फैलाया। बीजेपी ने कहा कि कन्हैयालाल के परिवार को सिर्फ पांच लाख दिए गए जबकि कन्हैयालाल के परिजनों को 50 लाख मिले थे। गहलोत ने कहा कन्हैयालाल मर्डर की जांच एनआईए से करवाने का फैसला उसी रात कर लिया था। अभी तक उसकी जांच पूरी नहीं की है। हमारे पास केस होता तो हो सकता है अब तक आरोपियों को सजा हो जाती।
कार्यवाहक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान के चुनावों में भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं था ऐसे में बीजेपी ने लोगों को भडकाने का प्रयास किया। यहां तक कि ईडी का दुरूपयोग करते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के घर में घुस गए जबकि मेरे बेटे से भी पूछताज की गई। ये लोकतंत्र की हत्या करने वाले लोग हैं। संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ईडी,सीबीआई, इनकम टैक्स का दुरुपयोग कर रहे हैं