द नगरी न्यूज़ डेस्क : राजस्थान में किरोड़ी लाल मीणा के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी सियासत में जमकर हलचल मची हुई है। इधर, अब इस्तीफा के बाद किरोड़ी लाल मीणा की अगली भूमिका क्या होगी? इसको लेकर कई सवाल ख ड़े हो गए हैं। इस बीच किरोड़ी ने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में जमकर चर्चा है। पार्टी अध्यक्ष से किरोड़ी लाल के इस्तीफे के बाद मुलाकात को उनकी अगली भूमिका से जोड़ा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह बात निकल कर सामने आई हैं कि नड्डा ने किरोड़ी को अगली भूमिका को लेकर कुछ विकल्प दिए हैं। इसको लेकर अब सियासत में कई कयास उठने लगे। दरसल किरोड़ी लाल मीणा अपना इस्तीफ़ा देने की घोषणा करने के बाद दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास पहुंचे। अब इसको लेकर राजनीतिक जानकार अपना अपना विश्लेषण कर रहे हैं। वही सियासी सूत्रों का कहना हैकी नड्डा ने किरोड़ी लाल को इस्तीफा नहीं देने के लिए मनाया, लेकिन किरोड़ी अपनी बात पर अड़े हुए हैं। इस पर नड्डा ने भी उनकी अगली भूमिका को लेकर कुछ विकल्प दिए हैं।जिसको लेकर अब कई कयास तेज हो गए हैं।
किरोड़ी लाल मीणा भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल में सबसे वरिष्ठ नेता है। सरकार के गठन के दौरान मीणा को मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनाई जाने की काफी मांग उठी थी, लेकिन किरोड़ी लाल मीणा को कृषि मंत्री बनाया गया। इस बीच पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग को टुकड़ों में विभक्त कर एक हिस्सा किरोड़ी लाल को और दूसरा हिस्सा मदन दिलावर को दिया गया। चर्चा है कि इससे भी किरोड़ी लाल नाराज थे। इस बीच सियासी सूत्रों का मानना है कि भाजपा उन्हें संतुष्ट करने के लिए किसी भी स्टेट का राज्यपाल बना सकती है, क्योंकि हाल ही में कुछ राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। यह अलग बात है कि किरोड़ी इस बात के लिए तैयार होते हैं या नहीं?