शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने आज पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने मूर्खतापूर्ण निर्णय कर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का बंटाधार किया। प्राथमिक विद्यालयों को सीधे उच्च माध्यमिक विद्यालय कर दिया जो कि सीधे-सीधे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ था। प्राथमिक विद्यालयों को बिना संसाधन के उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत करना सीधे-सीधे विद्यार्थियों को अनपढ़ रखने की साजिश थी जिसके लिए कांग्रेस अपनी पीठ थापा रही है।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालय किए जाने से सबसे ज्यादा नुकसान प्रदेश की बालिकाओं को उठाना पड़ा। कांग्रेस की कूनीति के कारण प्रदेश में 5 से 7 लाख लड़कियां पढ़ाई छोड़ चुकी है। अंग्रेजी मध्य विद्यालय बनाने का सबसे बड़ा खामियाजा छात्रों ने भुगता। हिंदी मीडियम स्कूलों को अंग्रेजी में मिलने से छात्राओं का नामांकन तेजी से घटा। स्कूल की दूरी अधिक होने तथा छात्रों के विद्यालय में मिलने से लड़कियों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रदेश में बालिकाओं को शिक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र किया? दिलावर आज यहां जयपुर में निम्स विश्वविद्यालय,चंदवाजी में आयोजित राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) राजस्थान के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद राज्य के प्रधानाध्यापक,प्रधानाचार्य,जिला शिक्षा अधिकारी, उपनिदेशक,संयुक्त निदेशक एवं अतिरिक्त निदेशक कैडर की एकमात्र परिषद है। जो अपने कैडर के हितों की पेरवी के साथ-साथ सरकार को शिक्षा- शिक्षक- शिक्षार्थी हित हेतु रचनात्मक सकारात्मक सुझाव देती रहती है।
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण गोदारा ने कहा कि 1 वर्ष में शिक्षा विभाग में विद्यालय, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बहुमुखी उन्नयन हेतु की गई उपलब्धियां हेतु परिषद शिक्षा मंत्री का साधुवाद करती है। इन निर्णय से भविष्य में सार्वजनिक स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़े सकारात्मक परिवर्तन आएंगे। इन महत्वपूर्ण निर्णय के लिए राजस्थान के समस्त शिक्षा अधिकारी शिक्षा मंत्री का सम्मान और अभिनंदन करते हैं। प्रैक्टिकल लेने वाले एक्सटर्नल शिक्षक की आवभगत की तो सख्त कार्यवाही शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने एक बार फिर स्कूल प्रिंसिपलों और शिक्षकों को चेतावनी दी है कि प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के लिए बाहर से आने वाले शिक्षकों की यदि स्कूल द्वारा आओ भगत की गई और बच्चों से राशि संग्रहित कर उन्हें भेंट की गई तो दोषी स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजाएगी।शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि शीघ्र ही स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू होने वाली है। मैंने पहले भी कहा है और फिर दोहरा रहा हूं। किसी भी सरकारी या निजी विद्यालय में प्रायोगिक परीक्षा लेने आने वाले बाहर के शिक्षकों का किसी भी प्रकार से कोई स्वागत- सम्मान नहीं किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा शीघ्र ही आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे। फिर भी यदि किसी विद्यालय में इस तरह के मामले सामने आए तो परीक्षा लेने गए शिक्षक और विद्यालय के प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।