द नगरी न्यूज़ डेस्क : बुधवार को राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान का पहला पूर्ण बजट पेश किया। करीब 5 लाख करोड़ के इस बजट में 200 के आसपास घोषणाएं की गईं। बजट में सबसे ज्यादा फोकस कृषि विभाग पर दिखाई दिया। कृषि विभाग के लिए 96 हजार करोड़ रुपये कि घोषणा की गई हैं.
ऐसे में इस बात की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं कि क्या वाकई सरकार की प्राथमिकता कृषि विभाग है या फिर वो मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके किरोड़ी लाल मीणा को मनाने की कोशिश कर रही है. बता दे कि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अपने पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. हालांकि उनका इस्तीफ़ा क़ुबूल हुआ या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है. दरसल लोकसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान में हुई भारतीय जनता पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस्तीफा सौंपा था. उसके बाद उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी.जिसके बाद राजस्थान की राजनीति में चर्चा होने लगी की की नड्डा ने भी किरोड़ी से इस्तीफ़ा वापस लेने की बात कही थी. और कई चर्चा ये भी थी की किरोड़ीलाल मीणा को जेपी नड्डा ने कई दूसरे
विकल्प भी दिए थे
अब बात करते है उन घोषणाओं की जो बजट में दिया कुमारी ने कृषि को लेकर की राजस्थान इरिगेशन वाटर ग्रिड मिशन शुरू करने की घोषणा. सभी जिलों में पानी बचाने और सिंचाई के लिए 50 करोड़ खर्च होंगे.ईआरसीपी से जुड़ी घोषणाओं के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया. विपक्ष का आरोप था कि जो घोषणाएं कांग्रेस सरकार ने की थी, उन्हें ही रिपीट किया है.नहरी क्षेत्र में डिग्गी निर्माण के लिए 5 हजार किसानों को अनुदान दिया जाएगा. 5 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे.वही 31 मार्च 2024 तक लंबित बिजली कनेक्शन की पेंडिंग को समाप्त करने के लिए एक लाख 45 हजार कनेक्शन देने की घोषणा की गई.किसानों को मॉडर्न कृषि उपकरण खरीदने के लिए अनुदान मिलेगा. मॉडर्न कस्टमर हायर सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में अलग से बोर्ड बनेगा. गोवर्धन परियोजना की शुरुआत होगी.5 लाख नए किसानों को ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा. इस बार 3500 करोड़ के शॉर्ट टर्म लोन बांटे जाएंगे.दीर्घकालिक कृषि लोन के लिए बजट दाेगुना कर दिया. 50 करोड़ की जगह 100 करोड़ का बजट रखा गया.समय पर फसली कर्ज चुकाने वाले किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा. वही प्रदेश में 500 नए FPO खोले जाएंगे. 150 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में गोदाम भी बनाए जाएंगे.मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत की जाएगी. इस पर 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे. ऊंट संरक्षण मिशन शुरू होगा. ऊंट पालकों को 20 हजार रुपए अनुदान मिलेगा.और ऐसी ही कई घोषणाए की गई