लोकसभा मे विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ED तलब कर सकती है। नेशनल हेराल्ड अखबार के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय राहूल गांधी को पूछताछ के लिए बुला सकता है।प्रवर्तन निदेशालय कांग्रेस नेता से नए सिरे से पूछताछ कर सकती है क्योंकि एजेंसी अनियमितताओं की अपनी जांच पूरी करना चाहती है। इस मामले में ED पहले ही 751 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
लोकसभा मे विपक्ष के नेता राहुल गांधी से ईडी ने इससे पहले जून 2022 में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के दैनिक कामकाज में उनकी भूमिका के बारे में चार बैठकों में लगभग 40 घंटे तक पूछताछ की थी। ये पूरा मामला साल 2010 में गांधी परिवार के स्वामित्व वाली एक कंपनी यंग इंडियन लिमिटेड से जुड़ा है। जो करीब पांच लाख की पूंजी से शुरू हुई थी लेकिन ईडी की तफ्तीश के मुताबिक आज के दौर में उन कंपनी के पास जो संपत्ति है, उसका बाजार मूल्य करीब 800 करोड़ रुपये है।नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी से पूछताछ हो चुकी है। जांच एजेंसी ईडी के की तरफ से इसी नेशनल हेराल्ड और एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड मामले में साल 2022 में कांग्रेस पार्टी की प्रमुख सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछताछ की गई थी।
इसकी स्थापना भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1938 मे की थी। तब यह अखबार तीन भाषाओं में प्रकाशित होता था। अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड नाम से, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज नाम से प्रकाशित होता था। इन समाचार पत्रों को प्रकाशित करने वाली कंपनी का नाम AJL यानी एसोसिएट जनरल लिमिटेड रखा गया.यह समाचार पत्र इतना प्रसिद्ध हुआ कि साल 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अंग्रेजी सरकार ने इसके प्रकाशन पर रोक लगा दिया. हालांकि, इसके तीन साल बाद ही 1945 में फिर से इसका प्रकाशन शुरू हुआ। साल 2008 में आर्थिक तंगी की वजह से इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया।
सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार हेराल्ड की संपत्तियों का अवैध ढंग से उपयोग कर रहा है जिसमें दिल्ली का हेराल्ड हाउस और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। वे इस आरोप को लेकर 2012 में कोर्ट गए। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद 26 जून 2014 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे। तब से इस आदेश की तामील लंबित है। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी से लोन देने के नाम पर नेशनल हेराल्ड की दो हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली। कांग्रेस ने पहले नेशनल हेराल्ड की कंपनी एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को 26 फरवरी, 2011 को 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया। इसके बाद पांच लाख रुपये से यंग इंडिया कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास है। इसके बाद के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर यंग इंडिया को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कांग्रेस का ऋण चुकाना था। नौ करोड़ शेयर के साथ यंग इंडिया को एसोसिएट जर्नल लिमिटेड के 99 प्रतिशत शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का ऋण भी माफ कर दिया। यानी यंग इंडिया को मुफ्त में एजेएल का स्वामित्व मिल गया।