उम्र में या कद में बड़ा होना काफी नहीं है ये हमारे बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं। उम्र और कद में बड़े होने से ये साबित नहीं होता कि आप सभ्य है या फिर असभ्य। ख़ास हमारे बड़े-बुजुर्गों की ये सीख हमारे नेता और हमारी राजनैतिक पार्टियां भी सीख पाती।
छत्तीसगढ़ में चुनाव चल रहे हैं और नेता व् राजनैतिक पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही है सत्ता की कुर्सी को हथियाने की। राजनैतिक पार्टियां प्रचार-प्रसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही और ना ही एक दुसरे को बोलने करने और सुनाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। लेकिन इस बीच राजनैतिक पार्टियां ये भूल रही है उसे किस भाषा का इस्तेमाल करना है। वे देश के बड़े राजनैतिक दल है और उनमें बड़े और मंझे हुए नेता भी है, लेकिन फिर भी ये पार्टियां भूल जाती है उन्हें अपनी भाषा का किस तरह से इस्तेमाल करना है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर एक विडियो शेयर कर पोस्ट करते हुए लिखा कि “कल हमारे छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र का महापर्व आयोजित हो रहा है, दूसरे चरण के इस मतदान में आप सभी साथी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें क्योंकि आपका एक वोट हमारे प्रदेश की तस्वीर और तक़दीर बदल सकता है। इस विधानसभा चुनाव में विशेषकर हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स अपने मताधिकार का उपयोग ज़रूर करें, यह वोट आपका संवैधानिक अधिकार भी है और इस व्यवस्था के प्रति आपकी ज़िम्मेदारी भी है।
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रमन सिंह के इस ट्वीट पर कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर जवाब देते हुए लिखा “ये गोलू पांडा एक नम्बर का आलसी भी है। रात को ही वोट अपील करके सो गया ताकि सुबह जल्दी न उठना पड़े। इस ट्वीट के बाद कांग्रेस के लिए ज्यादा कुछ कहने की ज़रुरत नहीं है।
कांग्रेस पार्टी का ये ट्वीट दिखाता है कि क्या ये पार्टी 138 साल पुरानी है और इसके नेता इतने असभ्य है कि इस तरह की भाषा इस्तेमाल करेंगे। हो सकता है कि ये भाषा आम ज़िन्दगी में चल जाएं लेकिन जब आप एक देश को रिप्रजेंट कर रहे हैं तो ये भाषा कतई सभ्य नहीं है।
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ये एक शर्म का विषय है कि हमारे राजनैतिक दल इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं।