आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। जैसे की आप सबको पता है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को शराब घोटाले में ED ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। वही अब रात भर ED के हेडक्वार्टर में रखने और पूछताछ के बाद संजय सिंह को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है। इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है। चलिए जानते है क्या कुछ कहा कोर्ट में सुनवाई के दौरान...
दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने लंबी पूछताछ के बाद राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया और राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है। बता दें कि संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक 14 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। संजय सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे खास और विश्वासपात्र हैं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी से अब आम आदमी पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ED से पूछा कि जब संजय सिंह के खिलाफ आपके पास पुख्ता सबूत थे, तो फिर गिरफ्तारी में इतना वक़्त क्यों लगाया? साथ ही पूछा कि पैसों के जिस लेनदेन की बात आप कर रहे हैं, तो मामला तो काफी पुराना है, फिर गिरफ्तारी में इतनी देरी क्यों ? वहीं जब ED ने संजय सिंह की 10 दिन की कस्टडी मांगी तो कोर्ट ने ईडी से पूछा कि संजय सिंह का फोन आपके पास जब्त है, तो कस्टडी क्यों चाहिए ? कोर्ट में ईडी ने कहा कि इस मामले में बयान अभी दर्ज हुए हैं। दिनेश अरोड़ा के कर्मचारी ने बताया कि उसने 2 करोड़ रुपए संजय सिंह के घर दिए थे। इसके अलावा 1 करोड़ इंडो स्प्रिट के ऑफिस से लेकर भी संजय सिंह के घर दिए थे जो सर्च हुई। उसमें डिजिटल एविडेंस मिला है। उसको लेकर कन्फ्रंट करना है। साथ ही ईडी ने कहा कि संजय सिंह का फोन हमने जब्त कर लिया है। इसमें कुछ कॉन्टैक्ट नंबर मिले हैं। हमें कुछ कन्फ्रंट कराना है। इसके बाद कोर्ट ने पूछा कि फोन तो आपने ले ही लिया है। सीडीआर निकाल ही लेंगे, तो उसमें क्या कन्फ्रंट (आमना-सामना) करेंगे।
ED ने कहा कि तीन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने कहा कि हमने 10 दिन की कस्टडी मांगी है, लेकिन बाद में कहा कि 7 दिन भी देंगे तो मंजूर है। लेकिन वही आपको बता दे कि ED ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन ED को महज 5 दिन की रिमांड मिली है। संजय सिंह को 10 अक्टूबर तक रिमांड पर भेजा गया है। वही ED ने कोर्ट को बताया कि दिनेश अरोड़ा ने कहा कि सजंय सिंह प्रभावशाली व्यक्ति हैं. इसलिए पहले उनका नाम नहीं लिया था।
वही मामले में संजय सिंह के एडवोकेट मोहित माथुर ने कहा कि कुछ ऐसे मुकदमों में हैं। जिनमें जांच कभी पूरी नहीं होती। जांच का ये सिलसिला कभी नहीं रुकने वाला है। अब इस मामले में ED का स्टार गवाह दिनेश अरोड़ा है। वो ED और CBI दोनों मामलों में आरोपी था। दोनों ही मामलों में सरकारी गवाह बन गया है। उसकी विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है।
वही संजय सिंह ने कोर्ट में कहा कि झूठ की कोई इंतेहा नहीं है। अमित अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया, मैं उनके लिए इतना अनजान था कि उसे मेरा नाम याद नहीं आया, लेकिन अचानक मेरा नाम याद आया। दिनेश अरोड़ा ने कई बार बयान दिया, उसको संजय सिंह का नाम याद नहीं आया। लेकिन अचानक इन्होंने क्या किया आप खुद समझ सकते हैं। अचानक क्या हुआ कि सबने मेरा नाम लिया? संजय सिंह ने कोर्ट से कहा कि मैं हाथ जोड़ के विनती कर रहा हूं, अगर इनके आरोप में सच्चाई है तो मुझे कड़ी से कड़ी सजा दें। लेकिन ऐसे बेबुनियाद जांच करना कहां तक उचित है ? मुझे एक बार भी बुलाया नहीं गया, मेरे लिए अलग कानून क्यों सर ?