तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने रविवार शाम को फिर से सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही। उदयनिधि ने चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। लोगों ने इसे बेवजह नरसंहार से जोड़ा है।
BJP IT सेल प्रमुख अमिल मालवीय ने उदयनिधि के बयान को नरसंहार के लिए उकसाने वाला बताया था। जिसके बाद उदयनिधि ने कहा - PM मोदी भी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि कांग्रेसियों को मार दिया जाना चाहिए?
उदयनिधि ने कहा, “मैं फिर से वही कह रहा हूं कि मैंने केवल सनातन धर्म की आलोचना की है और सनातन धर्म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। ये बात मैं लगातार कहूंगा। कुछ लोग बचकाना व्यवहार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मैंने नरसंहार के लिए आमंत्रित किया है।
कुछ लोग द्रविड़म को भी समाप्त करने की बात करते हैं। क्या इसका मतलब यह है कि DMK वासियों को भी मार दिया जाना चाहिए?'
उदयनिधि स्टालिन चेन्नई में 2 सितंबर को एक सनातन उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने सनातन धर्म को लेकर एक टिप्पणी की जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से करते हुए कहा कि मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना ये कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है।
उदयनिधि स्टालिन के सनातन को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ उपजे विवाद पर दिल्ली पुलिस में एक वकील ने FIR दर्ज कराई है। जिस पर स्टालिन ने कहा कि अगर उनके बयान को लेकर कोई केस दर्ज भी होता है तो वे इसके लिए तैयार हैं।
उदयनिधि ने बताया कि सनातन क्या है? सनातन का अर्थ है कुछ भी बदला नहीं जाना चाहिए और सभी स्थायी हैं। लेकिन द्रविड़ मॉडल बदलाव की मांग करता है और सभी को समान होना चाहिए। BJP इंडिया अलायंस से डरी हुई है और उसी को भटकाने के लिए वे यह सब कह रहे हैं...DMK की नीति एक कुल, एक भगवान की है।
उदयनिधि के बयान पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने कहा कि हमारा रुख स्पष्ट है। कांग्रेस न तो किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर टिप्पणी करती है और न ही इसमें विश्वास रखती है। उन्होंने आगे कहा कि हम किसी और के बयान की जिम्मेदारी नहीं ले सकते।