राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्रालय से अपील की है उन्होने सोशल मीडिया के अपने अकांउट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की मैं पुन: प्रधानमंत्री जी एवं गृह मंत्रालय से अपील करना चाहूंगा कि FIR के अनिवार्य पंजीकरण के राजस्थान मॉडल को देशभर में लागू किया जाए। राजस्थान की भाजपा सरकार भी यह सुनिश्चित करे कि हमारे सरकार के समय लागू की गई अनिवार्य FIR नीति यहां जारी रखे।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के अपने अकांउट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की पुलिस की लापरवाही के ऐसे उदाहरणों को देखकर ही राजस्थान में हमारी सरकार ने FIR दर्ज करना अनिवार्य किया था एवं ये व्यवस्था की थी कि यदि थाने में FIR दर्ज नहीं की जाए तो SP ऑफिस में FIR होगी और थानाधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इसका परिणाम ये हुआ कि थाने में पीड़ितों की सुनवाई होना सुनिश्चित हुई एवं अपराधों की शिकायत दर्ज होना शुरू हुई। मीडिया एवं विपक्षी दलों ने दर्ज FIR के आंकड़े बढ़ने को हमारी सरकार के खिलाफ प्रचारित किया जिसका हमें राजनीतिक नुकसान हुआ परन्तु मुझे आज भी संतोष है कि इस नीति से तमाम पीड़ितों को न्याय मिलना सुनिश्चित हुआ। मैंने केन्द्र सरकार के सामने पत्र लिखकर, बैठकों में मांग रखी कि पूरे देश में FIR के अनिवार्य पंजीकरण की नीति लागू की जाए जिससे पीड़ितों को न्याय मिलना सुनिश्चित हो सके। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत सरकार ने हमारी इस मांग को नहीं माना और आज भी ऐसी स्थिति अलग-अलग राज्यों से सुनने में आती रहती है। भारतीय न्याय संहिता लागू करते समय भारत सरकार ने दावा किया था कि अब FIR में देरी नहीं होगी परन्तु सच ऐसी घटनाओं के रूप में सबके सामने है। मैं पुन: प्रधानमंत्री जी एवं गृह मंत्रालय से अपील करना चाहूंगा कि FIR के अनिवार्य पंजीकरण के राजस्थान मॉडल को देशभर में लागू किया जाए। राजस्थान की भाजपा सरकार भी यह सुनिश्चित करे कि हमारे सरकार के समय लागू की गई अनिवार्य FIR नीति यहां जारी रखे।
आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा, शव 9 अगस्त की सुबह 9:30 बजे मिला, तो एफआईआर 14 घंटे देरी से रात 11:45 बजे क्यों दर्ज की? जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, 30 साल के करियर में पहली बार देखा कि पोस्टमार्टम के बाद अननैचुरल डेथ की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसी को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के अपने अकांउट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा की मैं पुन: प्रधानमंत्री जी एवं गृह मंत्रालय से अपील करना चाहूंगा कि FIR के अनिवार्य पंजीकरण के राजस्थान मॉडल को देशभर में लागू किया जाए।