भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने आज शनिवार को एसएमएस अस्पताल का दौरा कर अजमेर रोड सड़क हादसे में घायलों की कुशलक्षेम जानी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार हादसे के पीड़ित परिजनों के साथ खड़ी है। सरकार की ओर से हादसे में घायलों की हर संभव मदद की जाएगी। आगजनी में गंभीर रूप से झुलसे लोगों के इलाज के साथ भाजपा सरकार ने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है और अस्पताल में घायलों के परिजनों के लिए भी समूचित व्यवस्था की गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि इस दुःखद घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है, और हर नागरिक की संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। हादसे की सूचना के बाद जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सरकार के मंत्रियों ने संवेदना दिखाते हुए घटना स्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया तथा चिकित्सा टीम को अलर्ट किया। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार ने हादसे में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता मुहैया करने की घोषणा भी की। राठौड़ ने कहा कि सरकार के साथ हम सभी को, सभी समाजों को हादसे से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहना चाहिए और हर संभव मदद करनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में देशभर के कुशल एवं अर्ध कुशल श्रमिकों को पारिश्रमिक के तौर पर करीबन 1 लाख 81 हजार 424 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। वहीं अकुशल श्रमिकों को इस दौरान करीबन 57 हजार 705 करोड़ राशि का भुगतान किया गया। इसमें देश के 34 राज्यों में से राजस्थान को कुशल एवं अर्ध कुशल श्रमिकों को सर्वाधिक 36 हजार 703 करोड़ का भुगतान किया गया। वहीं अकुशल श्रमिकों में राजस्थान उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे पायदान पर है।राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने दी।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रोटोकॉल के माध्यम से मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थियों के खाते में कर रही है। मनरेगा के तहत राजस्थान में 1 अप्रैल से लेकर 16 दिसंबर 2024 तक अकुशल श्रमिकों को बतौर पारिश्रमिक के रूप में 5 हजार 917 करोड़ तथा कुशल एवं अर्ध-कुशल श्रमिकों को 36 हजार 703 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत देश में कुशल श्रमिकों को सर्वाधिक मजदूरी राजस्थान में दी गई। राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश में 28572 करोड़, बिहार में 15980 करोड़, तमिलनाडु में 14048 करोड और मध्य प्रदेश में 9376 करोड़ रूपए कुशल व अर्ध कुशल श्रमिकों को मजदूरी दी गई। वहीं अकुशल श्रमिकों की श्रेणी में सर्वाधिक मजदूरी उत्तर प्रदेश में 6321 करोड़ रूपए दी गई। इसके बाद दूसरे नंबर पर राजस्थान में 5917 करोड़ रूपए मजदूरी दी गई। मनरेगा के तहत अकुशल श्रमिकों के लिए राजस्थान के लिए 266 रूपए मजदूरी दर तक की गई। वहीं कुशल कर्मचारियों के मामले में मजदूरी दर संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।