कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा गांधी भवन, जयपुर में राजस्थान कांग्रेस कमेंटी की और से पूर्व प्रधानमंत्री डॉं मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा की डॉ. मनमोहन सिंह जैसे व्यक्तित्व को केंद्र सरकार ने वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वह हकदार थे। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया, जबकि यह परंपरा रही है कि देश के प्रधानमंत्रियों का अंतिम संस्कार राष्ट्रीय स्तर पर उचित स्थानों पर किया जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की प्रदेश सरकार पिछले एक साल में अपनी कोई ठोस उपलब्धि नहीं दिखा पाई है। जनता का ध्यान भटकाने के लिए हमारे समय में बनाए गए नए जिलों को रद्द करने का काम किया गया। गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध पर उतारू है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार पूरी तरह से निकम्मी और नाकारा साबित हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर हमला बालते हुए कहा की अगर NDA सरकार खुद आगे बढ़कर डॉ. मनमोहन सिंह के स्मारक और दाह संस्कार का स्थान तय कर देती तो कोई विवाद पैदा ही नहीं होता। वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका दाह संस्कार निगमबोध घाट पर किया गया है इस सोच की प्रतिक्रिया सारे देश में हो रही है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा मुद्दा उठाने के बाद जब पूरे देश की प्रतिक्रिया उन्हें मिली तब उन्होंने कहा कि हम उनका स्मारक बनवाएंगे राहुल गांधी ने पहले ही कहा था कि उनका स्मारक इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के स्मारकों के नजदीक बनवाया जाए तब भी इन्होंने विवाद पैदा किया था। नाकाम सरकार ध्यान भटकाने के लिए ऐसे ही काम करती है वही उन्होने कहा जब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के उपराष्ट्रपति रहे भैरोसिंह शेखावत का निधन हुआ था, तब कांग्रेस सरकार ने उनकी अंतिम यात्रा और संस्कार की बेहतरीन व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि हमने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर उनका सम्मान किया, क्योंकि वह प्रदेश और देश की गरिमा का प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन केंद्र सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह जैसे महान नेता को वह सम्मान नहीं दिया, जिसकी वह पूरी तरह से हकदार थे।