द नगरी न्यूज़ डेस्क : लोकसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सियासी पारा हाई चल रहा है। राजनीतिक गलियारों में नेताओं के भाषण और बयान भी खूब हो रहे हैं। नेताओं द्ववारा दिए गए भाषण पर भी जमकर राजनीति हो रही है। राजनीति के इस चुनावी मौसम में लोगों के बयान भी खूब वायरल हो रहे हैं। खैर चुनाव जीतने के लिए नेता किस हद तक जा सकते हैं ये बात किसी से छुपी तो है नहीं ऐसे में इस बार का चुनाव NDA बनाम इंडिया गठबंधन बन चुका है। चुनावी माहौल में वोटरों को साधने के लिए नेता जनता के बीच पहुँच रहे हैं और अपने बयानों से वोटरों को लुभाने के लिए योजनाओं को गिना रहे हैं, अब ऐसे में बात करें अगर पीएम मोदी की तो पीएम मोदी आज-कल खूब ऊल जुलूल बयानबाजी कर रहे हैं जिससे न सिर्फ विपक्ष बल्कि जनता भी इन दिनों पीएम मोदी के मजे ले रही है।
ऐसे में पीएम मोदी की जमकर आलोचना भी हो रही है। पीएम मोदी इंडिया गठबंधन की एकता से इस कदर घबरा चुके हैं कि कुछ भी बोल रहे हैं। कभी भरे मंच से वो कहते हैं कि गठबंधन की सरकार आएगी तो वो आपके मंगलसूत्र ले लेगी तो कभी कहते हैं कि मैं जैविक रूप से पैदा नहीं हुआ हूं। ऐसे में अब पीएम मोदी के ऐसे ही बयानों को लेकर विपक्ष उनपर हमला बोल रहा है तथा चुटकी ले रहा है। वहीं अब कांग्रेस नेता शशि थरूर ने निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बयान दिया है. उन्होंने पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई दिव्य प्राणी भारत में नागरिकता के लिए पात्र हो सकता है और अगर नहीं, तो क्या उसे वोट देने या चुनाव लड़ने का अधिकार है? आपको बता दें कि पीएम मोदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में एक ऐसा बयान दिया जो वायरल हो गया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट डालते हुए कहा कि चुनाव आयोग चुनावी मैदान में हिस्सा लेने वाले स्वघोषित देवत्व के प्रश्न पर गौर फरमाएं? पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उनका जन्म जैविक रूप से नहीं हुआ था, बल्कि उन्हें भगवान ने एक मिशन को पूरा करने के लिए भेजा था.
दरअसल इस पूरे मामले की अगर हम बात करें तो एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे मौजूदा चुनावों में उनकी व्यस्त चुनावी गतिविधियों और दिनचर्या के बारे में पूछा गया, तो पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “पहले जब तक मां जिंदा थी मुझे लगता था कि शायद मुझे बायोलॉजिकली जन्म दिया गया है। मां के जाने के बाद सारे अनुभव को मैं जोड़ कर देखता हूं तो मैं कन्विंस हो चूका हूं कि परमात्मा ने मुझे भेजा है।” साथ ही उन्होंने आगे कहा, “ये ऊर्जा बायोलॉजिकल शरीर से नहीं मिली है, ये ऊर्जा ईश्वर को मुझसे कुछ काम लेना है इसलिए मुझे विधा भी दी है, सामर्थ्य भी दिया है, नेक दिल भी दिया है और प्रेरणा भी वही दे रहा है। वह पुरुषार्थ करने का सामर्थ्य भी दे रहा है है। मैं कुछ नहीं हूं, मैं एक यंत्र हूं और इसलिए मैं जब भी कुछ करता हूं तो मैं मानता हूं शायद ईश्वर मुझसे करवाना चाहता है। इस बयान के आते ही विपक्षी दल ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया। ऐसा नहीं है कि इस मामले पर पीएम मोदी को शशि थरूर ने घेरा बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी को जमकर घेरा। दरअसल एक चुनावी रैली में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, “देश के प्रधानमंत्री चमचों के सामने, साक्षात्कार में खुल के कहते हैं कि मैं बायोलॉजिकल नहीं हूं, मुझे परमात्मा ने मिशन के लिए भेजा है।” राहुल गांधी ने आगे कहा कि अगर कोई आम व्यक्ति यही कहता तो उसे सीधे मनोचिकित्सक के पास ले जाया जाता। पर, उनके चमचे क्या कहते हैं?
इतना ही नहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नार्थ ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार कन्हैया कुमार के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक इंटरव्यू को लेकर उनका मजाक उड़ाया। राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी एक इंटरव्यू में कहते हैं कि मैं बायोलॉजिकल नहीं हूं। मतलब हिंदुस्तान की सारी जनता, जीव सब बायोलॉजिकल हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी बायोलॉजिकल नहीं हैं।