द नगरी न्यूज़ डेस्क : शनिवार को राजस्थान के कई शहरों में सीबीआई ने छापेमारी की. यह छापेमारी बजरी खनन के कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई. इस छापेमारी के बारे में अभी तक आधिकारिक तौर पर सीबीआई ने कुछ नहीं कहा है. लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सीबीआई की यह कार्रवाई बजरी कारोबीर मेघराज सिंह रॉयल के ठिकानों पर हुई. हालांकि मेघराज सिंह रॉयल की ओर से जारी प्रेस नोट में इस बात का खंडन किया गया है. दूसरी ओर इस मामले में नागौर सांसद और रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लंबा पोस्ट लिखते हुए मामले से जुड़े केसों को सीबीआई को हैंडओवर करने की मांग उठाई है.
हनुमान बेनीवाल ने लिखा- राजस्थान के एक कथित बजरी माफिया के ठिकानों पर आज सीबीआई द्वारा कार्यवाही करने की सूचनाएं मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हो रही है, पूर्ववती कांग्रेस सरकार और उससे पहले की भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस बजरी माफिया व इसके एमआरएस ग्रुप ने राज्य में समानांतर सरकार चलाई और बजरी की दरों को आसमान पर पहुंचा दिया,बजरी लीज की आड़ में प्रदेश की नदियों के अस्तित्व को बिगाड़ दिया और पर्यावरण के साथ जमकर खिलवाड़ किया लेकिन सिस्टम खामोश रहा क्योंकि सरकार के आला ब्यूरोक्रेट्स और बड़े पुलिस अफसर चहेते स्थानों पर पोस्टिंग के लिए इस बजरी माफिया की शरण में बैठे रहते थे.
इस बजरी माफिया के आतंक से जनता त्रस्त थी और इस माफिया के आतंक से राजस्थान की जनता को मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने प्रदेश में बड़े जन -आंदोलन किए ,बाड़मेर जिले के पचपदरा -बालोतरा , डूंगरगढ़,कोलायत नागौर जिले के रियां बड़ी,भीलवाड़ा, नोहर,बाड़मेर के धोरीमन्ना तथा टोंक में विगत वर्ष बड़े जन -आंदोलन किए और जन आंदोलन के समय सरकार के निर्देशों के बाद संबंधित जिलों के प्रशासन ने हमसे वार्ता की.