CM गहलोत ने अपने प्रत्याशियों के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है। 3 नवंबर को रमेश मीणा के नामांकन के सिलसिले में वो करौली पहुंचे और वहां से अपनी पार्टी के लिए हुंकार भरी, लेकिन साथ-साथ वो सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ गए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 नवंबर को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को कांग्रेस की सात 'गारंटियों' पर बहस करने की चुनौती दी है। गहलोत ने कहा है कि राजस्थान के इस चुनाव में मुख्य मुद्दा कांग्रेस पार्टी की यही सात चुनौतियां हैं। गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा, ‘राजस्थान चुनाव 2023 का मुख्य मुद्दा है। कांग्रेस पार्टी द्वारा दी जा रही 7 गारंटियां। विपक्षी दल की नेता वसुंधरा राजे सिंधिया को मैं चुनौती देता हूं कि मेरे साथ 'कांग्रेस की 7 गारंटी' पर एक बहस करें। 'राजे ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार ने राज्य के लोगों से बहुत कुछ छीना है और बदले में बहुत कम लौटाया है। राजे ने राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई राहतों को भी 'नाटक' करार दिया।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए राजे ने आगे कहा था कि कांग्रेस उन लोगों को 'झूठे' सपने दिखा रही है, जो इस खेल को समझते हैं। आखिरी समय में मिली इन राहतों का सच जनता भलि-भांति जानती है। इस सरकार के पांच साल काला अध्याय हैं। जिनमें किसानों के आंसू, महिलाओं की चीखें, दलितों का उत्पीड़न और युवाओं की निराशा शामिल है। राजे ने अपनी पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई सभी योजनाओं को निलंबित करने के लिए भी कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
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आपको बता दे राज्य की सभी 200 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना तीन दिसंबर को होगी। नामांकन छह नवंबर तक दाखिल किए जा सकते हैं। राजे ने बृहस्पतिवार को बाली, बिलाड़ा व पाली आदि जगहों पर भाजपा के प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए कहा था कि जनता मूर्ख नहीं है, जो कांग्रेस की झूठी गारंटी में आ जाए\ उन्होंने कहा, ‘आश्चर्य होता है जिसकी खुद की वारंटी नहीं, वह कांग्रेस अब लोगों को गारंटी देने लगी है।
अब सीएम के एक ट्वीट ने राजनीतिक हलकों में बहस के लिए ट्रीट दे दी है ।