राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार का दौर आज गुरुवार शाम 6 बजे थम जाएगा। इस बार होने वाले चुनावी प्रचार–प्रसार में भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत के साथ जीत के लिए जोर-आजमाइश की है। भाजपा की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमित शाह, जेपी नड्डा और योगी आदित्यनाथ ने 2023 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए चुनावी बागडोर संभाली।
तो वहीं कांग्रेस ने भी इस बार होने वाले चुनाव में किसी भी तरह से कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस से अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी चुनाव में अपनी सरकार को रिपीट करवाने के लिए बेहतरीन तरीके से चुनावी कमान संभाली है।
प्रदेश में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का आज अंतिम दिन है। इस दौरान भाजपा, कांग्रेस ने आखिरी दिन का जमकर फायदा उठाया और अपनी पार्टियों के प्रचार को जनता के बीच चरम पर पहुंचाया। पीएम मोदी ने राजसमंद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया तो वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने भी मोदी के साथ निम्बाहेडा, नाथद्वारा और जयपुर में रोड शो किए। चारों तरफ, भाजपा के प्रचार में भगवा ही नजर आया और योगी आदित्यनाथ ने भी जयपुर के झोटवाड़ा में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ रोड शो किया।
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बात करे कांग्रेस की तो चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करते हुए 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी पर निशाना साधा और उनकी रणनीति को फेक बताया। कांग्रेस के प्रत्याशी भी अपने क्षेत्र में सहयोगी समर्थको के साथ जगह-जगह रोड शो और सभाओं को संबोधित किया और जनता से भारी संख्या में मतदान करने की अपील की और जीत का दावा किया।
इस बार होने वाले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने प्रचार में कमी नहीं आने दी और पार्टियों के प्रत्याशियों से आगे निकलकर जनता के बीच अपने प्रचार का परचम लहराया। दोनों ही प्रमुख दलों ने अलग और अग्रेसिव मोड में चुनावी सभाएं कर इस चुनावी माहौल में अपनी पार्टी के साथ मिलकर विपक्षी पार्टी पर आरोप, प्रत्यारोप लगाए।
भाजपा ने जहां इस बार अपना पूरा फोकस युवाओं और महिलाओं पर रखा तो वहीं कांग्रेस ने भी स्वास्थ्य और ओपीएस का मुद्दा उठाया और जनता का विश्वास जीतने की कोशिश की। हालांकि चुनाव आयोग से शिकायत करने के मामले में भाजपा कांग्रेस से आगे रही। क्योकि कुछ दिन पहले ही अशोक गहलोत के एफिडेविट की भी कई शिकायतें सुनने को मिली थी।
बता दें इससे पहले बुधवार को भाजपा कांग्रेस सहित अन्य दलों के प्रत्याशियों ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंपर्क किया था। लेकिन आज शाम को 5 बजे चुनावी प्रचार थम जाएगा। जिसके बाद प्रत्याशी घर घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे।
भाजपा जहां इस बार चुनाव में सत्ता में आने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है तो वहीं कांग्रेस भी सरकार रिपीट करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा, सत्ता की कुर्सी का ताज कौन पहनेगा, इस बात का फैसला तो जनता ही करेगी। क्योंकि जनता सबसे बड़ी ताकत है जो प्रत्याशी की हार-जीत का फैसला तय करती है। इसे ही लोकतंत्र कहते है। 3 दिसम्बर को परिणाम घोषित होंगे। उस दिन साफ़ हो जाएगा कि चुनावी ऊंट किस पार्टी की साइड करवट लेकर बैठेगा।