संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि जिला मुख्यालय डीडवाना में मिनी सचिवालय अथवा कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा उपलब्ध भूमि विकल्पों का परीक्षण कर जनहित में निर्णय लिया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री की तरफ से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा इस निर्माण के लिए भूमि का चिन्हीकरण कर राशि स्वीकृत कर दी गई थी एवं वर्तमान राज्य सरकार द्वारा भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवंटन किये जाने के उपरांत मिनी सचिवालय अथवा कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण की कार्ययोजना प्रारंभ की जाएगी।
इससे पहले विधायक यूनुस खान के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि नवगठित जिलों के संबंध में अंतिम निर्णय हो जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार डीडवाना-कुचामन जिले की आम जनता को राहत देने के लिए जिला मुख्यालय डीडवाना में मिनी सचिवालय अथवा कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण करवाये जाने का विचार रखती है। इसके लिए जिला कलक्टर डीडवाना-कुचामन द्वारा उपयुक्त भूमि के प्रस्ताव राजस्व विभाग को भिजवाये गये हैं। उन्होंने जानकारी दी कि डीडवाना जिले में जिला स्तरीय राजकीय कार्यालय हेतु भूमि चिन्हित कर कर ली गयी है। जिला कलक्टर, नागौर द्वारा मौजा मण्डाबासनी के खसरा नंबर 1496/1487 रकबा 19.02 हैक्टेयर गै.मु.गोचर में से 08.00 हैक्टयेर भूमि राजकीय कार्यालयों हेतु आरक्षित किये जाने के प्रस्ताव राजस्व विभाग को भिजवाये गये हैं। जिसका आवंटन किया जाना प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि नवगठित जिला मुख्यालय डीडवाना में 26 जिला स्तरीय कार्यालय स्वीकृत नहीं होने के कारण संचालन किया जाना शेष है। जिसका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि इन कार्यालयों का संचालन संबंधित विभाग द्वारा स्वीकृति उपरान्त किया जायेगा।