अनुसूचित जाति के आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कार्ट के फैसले के विरोध में आज भारत बंद के आह्वान पर राजस्थान भी बंद रहा। जयपुर सहित कई जिलों में स्कूल-कॉलेजों में भी छुट्टी के आदेश जारी किए गये थे। वही आज सुबह से ही जयपुर सहित कई जिलों में बाजार बंद रहे। वही भरतपुर संभाग के 4 जिलों (भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर और डीग-कुम्हेर) में नेटबंदी की गई है।
आज भारत बंद का असर जयपुर में भी दिखा। इस दौरान राजधानी में बसों को बंद के आदेश दिए गये थे। सुबह से ही बाजार बंद रहे। जयपुर के अल्बर्ट हॉल के बाहर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया गया। वही अलवर में भी रोडवेज बसों को बंद कर दिया गया था। जौधपुर के जोधपुर के सोमेसर गांव दुकान बंद कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने गर्म तेल की कढ़ाई उलट दी। इस कारण हलवाई के दोनों पैर जल गए। वहीं जोधपुर शहर में रैली निकालने के दौरान बंद समर्थक ट्रैफिक पुलिस की पोस्ट पर चढ़ गए। पाली, बाड़मेर, जैसलमेर, टोंक सहित कई शहरों में निकली रैलियों में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सवाई माधोपुर में डीजे बजाते हुए कार्यकर्ता डंडे लहराते हुए रैली में पहुंचे। पाली में समिति की टीमों ने सुबह दुकानें बंद करवाईं।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (1 अगस्त) को इस बारे में बड़ा फैसला सुनाया था। राज्य सरकारें अब अनुसूचित जाति, यानी SC के रिजर्वेशन में कोटे में कोटा दे सकेंगी।अदालत ने 20 साल पुराना अपना ही फैसला पलटा था। तब कोर्ट ने कहा था कि अनुसूचित जातियां खुद में एक समूह हैं, इसमें शामिल जातियों के आधार पर और बंटवारा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अपने नए फैसले में राज्यों के लिए जरूरी हिदायत भी दी थी। कहा था कि राज्य सरकारें मनमर्जी से फैसला नहीं कर सकतीं।फैसला सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की संविधान पीठ का था। इसमें कहा गया कि अनुसूचित जाति को उसमें शामिल जातियों के आधार पर बांटना संविधान के अनुच्छेद-341 के खिलाफ नहीं है।
किरोडी लाल मीणा ने भारत बंद पर कहा की क्रीमीलेयर पर मैं सुप्रीम कोर्ट की भावना के साथ हूं। वो इसलिए, एक उदाहरण है, मेरे गांव में एक व्यक्ति् पहाड़ खोदकर मजदूरी कर पेट पाल रहा है। उसके बच्चे भी उसी ढर्रे पर है। दूसरी तरफ मेरा पड़ोसी आईएएस बन गया, लेकिन जो नहीं बन पाया उसे मौका मिलना चाहिए। वही उन्होने कहा की केंद्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुलाकर एससी एसटी में क्रीमीलेयर लागू नहीं करने का फैसला कर दिया। अब कुछ लोग एससी एसटी को गुमराह करके राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं, देश में हिंसा फैलाना चाहते हैं।
भारत बंद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडल्यूएस के हकों को मारने का काम केंद्र सरकार की ओर से किया जा रहा है। भारत बंद को लेकर जूली ने कहा कि हम संविधान के प्रावधानों के अनुसार आरक्षण के समर्थन में हैं उसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी।