वित्तीय वर्ष 2024-25 की राज्य बजट घोषणा के अनुरूप राज्य सरकार ने आदेश जारी कर 19 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी चिकित्सालयों में तथा 98 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सा केंद्रों में क्रमोन्नत किए जाने की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत है। इसी के तहत बजट घोषणा की अनुपालना में विभिन्न जिलों में विभिन्न श्रेणी के चिकित्सालयों का क्रमोन्नयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए अपने नजदीक ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, साथ ही विभागीय योजनाओं का त्वरित लाभ मिलने भी सुविधा हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि नागौर में 2, भरतपुर में 3, पाली में 4 और अलवर , चित्तौड़, जालोर, कुचामन सिटी, झुंझुंनू, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, सीकर, बीकानेर और चुरू के 1-1 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी के चिकित्सालयों में क्रमोन्नत किया गया है। इसी तरह बाड़मेर में 8, भरतपुर और जयपुर में 7-7, पाली में 16, जालोर में 9, नागौर, कोटा और भीलवाड़ा में 4-4, अजमेर में 6, झुंझुंनू में 5, दौसा, टोंक, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में 3-3, बीकानेर, चुरू, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, कुचामन सिटी में 2-2, धौलपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही, सीकर और हनुमानगढ़ में 1-1 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्न्त करने के आदेश जारी किए गये हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इन सभी पशु चिकित्सा संस्थानों में नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति भी जारी की गई है। सभी क्रमोन्नत 98 पशु चिकित्सालयों एवं 19 प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालयों के लिए आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर हेतु तत्काल 30-30 हजार रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।