खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित नहीं रहे। गोदारा ने बताया कि 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल खुलने के बाद निरंतर नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। अब तक 8 लाख 91 हजार 408 नए नाम जोड़े जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक लोगों को लाभ देने के लिए ईकेवाईसी करवाने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा पोर्टल में अजमेर जिले से 29 हजार 695 नए नाम जोड़े गए हैं। इसमें अजमेर शहर के 2 हजार 644 नाम हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल खाद्य सुरक्षा योजना में कुल 12 लाख 95 हजार नए नाम जोड़े गए थे। इस प्रकार वर्तमान सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा में कुल 21 लाख 87 हजार नाम जोड़े जा चुके हैं। गोदारा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा- निर्देशों के अनुसार खाद्य सुरक्षा का लाभ ले रहे व्यक्तियों को ईकेवाईसी करवाना अनिवार्य है। अंतिम तिथि तक भी ईकेवाईसी नहीं कराने वाले व्यक्ति स्वतः ही योजना से बाहर हो जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर ईकेवाईसी की तिथि को लगातार बढ़ाया गया है। इसकी अंतिम तिथि को 15 अगस्त 2024 से बढ़ाकर 31 दिसम्बर किया गया तथा अब और आगे बढ़ाकर इसे 31 मार्च 2025 कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य की 4 करोड़ 46 लाख की सीलिंग के विरुद्ध अब तक 4 करोड़ 39 लाख व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। इनमें से 3 करोड़ 86 लाख लाभार्थियों द्वारा ईकेवाईसी करवा ली गयी है। उन्होंने बताया कि 10 साल तक की उम्र तक के बच्चे तथा 70 साल से अधिक के बुजुर्गों को ईकेवाईसी से छूट दी गयी है। इससे पहले विधायक अनिता भदेल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में वंचित पात्र परिवारों के नाम जोडने के लिए 26 जनवरी, 2025 से पोर्टल प्रारम्भ किया जा चुका है। उन्होंने इस संबंध में जारी पत्र की प्रति सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि विगत तीन वर्षों में खाद्य सुरक्षा योजना में 6,16,054 आवेदन स्वी कृत कर 23,26,811 नाम जोडे गये हैं। उन्होंने जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने बताया कि विगत तीन वर्षों में अजमेर शहर में खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़वाने हेतु 5,512 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,736 आवेदन स्वीकार व 96 आवेदन निरस्त किए गए। गोदारा ने कहा कि विभाग द्वारा पृथक से सर्वे न कराया जाकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित लाभार्थियों की ई-केवाईसी करायी जा रही है। दउन्होंने बताया कि माह नवम्बर, 2024 से 31 मार्च, 2025 तक गिवअप अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1 के अनुसार ऐसे परिवार, जिनमें कोई आयकर दाता हो, कोई सदस्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्तषासी संस्थाओं में कर्मचारी या अधिकारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो एवं किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर आदि जिविकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोडकर) निष्कासन सूची में सम्मिलित है, को स्वविवेक से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि उनसे होने वाले रिक्त स्थान के विरूद्ध वास्तविक जरूरतमन्द परिवारों को खाद्य सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जा सके।