भाजपा के वरिष्ट नेता और मंत्री किरोडी लाल मीणा आज सचिवालय पहुंचे और आरएएस परीक्षा में आरपीएसी के द्वारा किए गये घोटालो की जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में शिखर अग्रवाल से मुलाकात की । इस दौरान मीडिया से बात करते हुए किरोडी लाल मीणा ने कहा की आर.ए.एस.2018 और आर.ए.एस.2021 पेपर लीक और घपले के तीन मुख्य लोग है जिसमें पूर्व अध्यक्ष दीपक उप्रेती ,शिव सिंह राठौड़ ,संजय छोत्रीय है। आर.ए.एस. 2018 की मुख्य परीक्षा 28, 29 जनवरी 2019 को सम्पन्न हुई उस समय आरपीएससी के चेयरमैन दीपक उत्प्रेती थे। आरपीएससी चेयरमैन दीपक उत्प्रेती ने आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने का समन्वयक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिवसिंह राठौड़ को दी।
किरोडी लाल मीणा ने कहा की आरएएस 2018 के साक्षात्कार में हुए घपले में शिवसिंह राठौड की भूमिका अहम है। वही उन्होने कहा की तत्कालीन अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव द्वारा फुल कमिशन की मीटिंग में साक्षात्कार के दौरान आए हुए सभी विशेषज्ञों को समान अंक देने का प्रस्ताव रखा जिसे शिवसिंह राठौड ने नकार दिया गया। आखिरकार आरपीएसी के सदस्यों को साक्षात्कार के दौरान अंक देने का अधिकार आ गया। 3 से 4 अन्य विशेषज्ञों सवाल पूछ सकते थे, उन्हें अंक देने का अधिकार नहीं था। इस प्रकार शिवसिंह राठौड ने मनमाने ढंग से अंक देकर अपने लोगों को आरएएस बनाया। बोर्ड के बाहरी सदस्यों को अंक नहीं देने का ऐसा निर्णय जानबूझकर कराया गया। वही उन्होने कहा की तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा भूपेन्द्र यादव चैयरमेन आरपीएससी को दिनांक 13,14,15,16 अप्रेल 2021 तक Force Leave पर भिजवाया गया और शिवसिंह राठौड अपनी मंशा के अनुसार साक्षात्कार बोर्ड का अध्यक्ष बना और पैसे लेकर सेकडों अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में रिकाॅर्ड तोड 70 से 82 प्रतिशत तक अंक दिये गये, जिनके लिखित में अंक कम थे, जिनमें उस समय की सरकार के कई बडे-बडे नेताओं/ अफसरों के रिश्तेदार शामिल हैं। रोल नम्बर 820815 वाले अभ्यर्थी के आरएएस 2018 के साक्षात्कार के दौरान एक व्यक्ति ने चैयरमेन भूपेन्द्र यादव को व्हाट्सएप पर मेसेज कर बताया की साक्षात्कार में इन्हें 82 अंक दिये जा रहे है। परीणाम आने के बाद इस अभ्यर्थी के साक्षात्कार में 82 अंक ही आये है। इससे साबित होता है कि साक्षात्कार के दौरान पैसे लेकर अंको की बंदरबाट की गई। आरएएस 2018 के साक्षात्कार के दौरान राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा साक्षात्कार में अधिक अंक दिलाने हेतु 23 लाख रूपये की रिश्वत लेते आयोग के एक कर्मी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिसकी FIR No. 257/2021 ACB जयपुर में दर्ज है।
किरोडी लाल मीणा ने कहा की आरएएस मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में N.A. (Not Attempt) का उपयोग कर दर्जनों उत्तर पुस्तिकाओं में बाद में अंक बढाने का काम किया है, वही उन्होने 11 रोल नम्बर बताए जो आरएएस 2016 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में अद्योलिखित लोगों के अंक बढाये गये -
रोल नम्बर 216947 पेपर प्रथम में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 210130 पेपर चतुर्थ में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 220013 पेपर चतुर्थ में अंक बढाया गया।
आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में अद्योलिखित लोगों के अंक बढाये गये -
रोल नम्बर 812900 पेपर चतुर्थ में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 803064 पेपर तृतीय में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 810910 पेपर चतुर्थ में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 804088 पेपर प्रथम में अंक बढाये गये।
रोक नम्बर 800513 पेपर द्वितीय में अंक बढाये गये।
आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में अद्योलिखित लोगों के अंक बढाये गये -
रोल नम्बर 905091 पेपर द्वितीय में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 917921 पेपर तृतीय में अंक बढाये गये।
रोक नम्बर 908633 पेपर द्वितीय में अंक बढाये गये।
उक्त लोगों की उत्तर पुस्तिका को दुबारा भरवाकर बढा चढाकर नम्बर देकर आरएएस बनाया है।
किरोडी लाल मीणा ने कहा की रोल नम्बर 809244 की उत्तर पुस्तिका को अगर देखा जाए तो लगता है कि अभ्यर्थी 3 घंटे में इस तरह की इस तरह की राइटिंग में लिख नहीं सकता, जमाकर तसल्ली से जवाब लिखा है। ऐसे लगता है जैसे उत्तर पुस्तिका देकर उसे छुट्टी दे दी हो कि खूब तसल्ली से जवाब लिखो और काॅपी जमा करा देना या इस अभ्यर्थी को पूर्व अध्यक्ष एवं शिवसिंह राठौड ने प्रश्न पत्र पूर्व में ही उपलब्ध करवा दिया था। तत्कालीन अध्यक्ष दीपक उत्प्रेती की पत्नी स्टेप बाय स्टेप स्कूल जो कि वर्तमान में ‘‘जय श्री पेडीवाल स्कूल’ है, जिसमें वाइस प्रिंसिपल थी, रोल नम्बर 809244 अभ्यर्थी के बच्चे भी इसी स्कूल में पढते थे। अभ्यर्थी एवं दीपक उत्प्रेती की पत्नी के पारिवारिक संबंध थे, जिसका फायदा उठाकर इस अभ्यर्थी ने स्वयं के साथ अपने परिवार से जुडे अन्य अभ्यर्थियों को भी आरएएस में पास कराया। इसे लिखने में कम से कम पांच घंटे लगेंगे अर्थात इनको उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करवाकर लिखाया गया है। आरएएस 2018 में चूंकि शिवसिंह राठौड परीक्षा नियंत्रक था एवं काॅपी जांचकर्ता एजेन्सी, जांच समन्वयक ये सब राठौड के निजी लोग थे।
किरोडी लाल मीणा ने कहा की आरएएस 2021 की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने में बडे स्तर पर धांधली हुई है।वही उन्होने कहा की रीट परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डी.पी. जारोली ने रामकृपाल मीणा, प्रदीप पारासर राजीव गांधी स्टडी सर्किल के निजी शिक्षकों को जिम्मेदारी दी इस कारण रीट का पेपर लीक हुआ, उसी तर्ज पर संजय क्षत्रिय ने भी निजी महाविद्यालयों के शिक्षकों को आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा की काॅपी जांचने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे डाली। आरएएस मुख्य परीक्षा के तृतीय पेपर लोक प्रशासन विषय के यूनिट 2 जो 65 अंक का है। इस प्रश्न-पत्र को अनुभवहीन शिक्षकों को जांचने की जिम्मेदारी दी। एम.एन.आई.टी. में लोक प्रशासन के प्रश्नों को ओ.टी.एस. से सेवानिवत आर.के. चैबीसा को काॅपी जांचने का हेड काॅर्डिनेअर बनाया गया। जिसने लोक प्रशासन के प्रश्नों को जांचने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालया के प्रोफेसर की बजाये अनुभवहीन प्राईवेट काॅलेज की शिक्षक रीटा माथुर को रूम इनचार्ज की जिम्मेदारी दी। प्राईवेट काॅलेजों के शिक्षक रीटा माथुर, मनीषा माथुर, इन्दु शर्मा, अर्चना मिश्रा, रूपाली भदोरिया, पवन शर्मा, प्रीती अग्रवाल को मुख्य परीक्षा की काॅपी जांचने की जिम्मेदारी दी, जिन्होंने संजय क्षोत्रिय के कई चहेतों को आरएएस बनाया। जिससे भारी लेकर तथा राजनेतिक दबाव में कई को आरएएस बनाया। वही उन्होने बताया की इस सारणी में निम्नानुसार कुल सात शहरों में मेडिकल करवाने हेतु कहा गया। यह लिस्ट सन् 2018 एवं उसके बाद आयोजित परीक्षा सन् 2021 के शुरू के 250 मेरिट वालों की तैयार की गई है।
क्र.सं. शहर का नाम प्रथम 50 मेरिट वाले प्रथम 100 मेरिट वाले प्रथम 150 मेरिट वाले प्रथम 200 मेरिट वाले प्रथम 250 मेरिट वाले
2018 2021 2018 2021 2018 2021 2018 2021 2018 2021
1 बीकानेर 6 28 15 43 22 53 25 61 29 72
2 जयपुर 26 7 49 23 71 32 96 49 123 62
3 अजमेर 6 3 11 9 15 15 19 20 24 26
4 जोधपुर 5 8 12 18 20 34 33 47 42 61
5 उदयपुर 6 3 7 5 11 8 12 10 14 12
6 कोटा 1 0 6 0 11 0 15 1 18 2
7 भरतपुर - 1 - 2 - 8 - 12 - 15
कुल 50 50 100 100 150 150 200 200 250 250
2018 में भरतपुर सेन्टर पर मेडिकल कराने हेतु सरकार की तरफ से मना किया गया था। इस सारणी का गहनता से अध्ययन करें तो पता लगता है कि आरएएस 2021 में बीकानेर एवं जोधपुर में पास हुए अभ्यर्थियों की संख्या अचानक बहुत बढोतरी हुई है, जोकि 2021 में इस क्षेत्र में हुए पेपर लीक एवं उत्तर पुस्तिका जांचने में हुए बडे गफले की ओर इशारा करता है, जिसका मुख्य किरदार तत्कालीन अध्यक्ष संजय कुमार क्षोत्रिय, सदस्य शिवसिंह राठौड एवं गापनीय शाखा में कार्यरत एक बाबू है।
किरोडी लाल मीणा आरएएस 2021 के लीक के पॉइंट बताते हुए कहा की भूपेन्द्र यादव 1 दिसम्बर 2021 को सेवानिवृत हुए और 02 दिसम्बर 2021 को तत्कालीन सरकार की मेहरबानी से शिवसिंह राठौड को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसी समय आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी स्वतः ही शिवसिंह राठौड पर आ गई। शिवसिंह राठौड के कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद 18 दिसम्बर 2021 करे अपने Twitter Account से Tweet किया, वह Tweet आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र द्वितीय के खण्ड-स भूगोल का 13वां प्रश्न है, जोकि 10 अंक का था। यानी शिवसिंह राठौड ने आरएएस 2021 के मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों को पैसे लेकर अपने चहेतों को बेचा। आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा 20 , 21 मार्च 2022 को जल्दबाजी में कराने में भी शिवसिंह राठौड की भूमिका थी, क्योंकि आरएएस 2021 की प्री परीक्षा को मननीय हाईकोर्ट की सिंग्ल बैंच ने 22 फरवरी 2022 को रद्ध कर दिया और नये सिरे से परीणाम जारी करने के निर्देश दिये। परन्तु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिवसिंह राठौड की मंशा के अनुसार डबल बैंच और सुप्रीम काॅर्ट जाकर परीक्षा का आयोजन कराने में कामयाब रहे। जिससे शिवसिंह राठौड द्वारा तैयार किये गये प्रश्न-पत्रों का उपयोग कर उनके चहेते लोगों को आरएएस बनाया जा सके।
किरोडी लाल मीणा ने आरपीएससी में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर कहा की आरपीएससी में इस भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये बडे मगरमच्चों पर हाथ डालना जरूरी है। जिस प्रकार प्रदेश की सबसे बडी प्रतियोगी परीक्षा आरएएस/आरटीएस में कई वर्षों से धांधली होती आ रही है। इसको खत्म करने के लिये हमारी जांच ऐजेन्सीयों को छूट देकर और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध करायें तो इस भ्रष्टाचार के अड्डे को खत्म किया जा सकता है। जब आरएएस/आरटीएस जैसी बडी प्रतियोगिता परीक्षा में धांधली हो रही है तो S.I, EO/RO, JEN, आदि दर्जनों प्रतियोगिता परीक्षा में धांधली होना स्वभाविक है। आरपीएससी में ही पेपर लीक एवं उत्तर पुस्तिकाओं में अंक बढाने का काम किया जा रहा है। इसलिये आरपीएससी में इस भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये बडे मगरमच्चों पर हाथ डालना जरूरी है।