भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा में शामिल होने आए पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी पर ज़बानी हमला करते हुए एक के बाद एक सवाल दाग दिए। वहीं उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन के द्वारा सनातन धर्म को समाप्त करने के बयान दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्टालिन के बेटे द्वारा दिए गए बयान में कांग्रेस की सहमति बताने का अरुण चतुर्वेदी ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि जिले भर में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा का स्वागत किया जा रहा है। इस परिणाम ही है कि परिवर्तन यात्रा में सभी समाज एवं सभी वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। इस यात्रा में अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की पर्यवेक्षक आराधना तिवारी ने प्रत्याशियों से चर्चा के समय भारत माता के नारे लगाने पर रोक लगा दी। कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भारत माता के नारे लगाने पर कार्रवाई की भी धमकी दी है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि आराधना तिवारी ने कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाने की बात भी कही है। अब आप देख सकते है कि कांग्रेस पार्टी को अब भारत माता के जयकारों से भी विरोध होने लगा है।
यही नहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कुछ लोगों को भोज पर बुलाये जाने पर भी कांग्रेस ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इंडिया या भारत किस संस्कृति को चाहती है। इसका जवाब कांग्रेस पार्टी को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2 दिन पहले स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने कहा है कि सनातन धर्म को समाप्त कर देंगे। स्टालिन एवं उनके दल कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर रहा है और यही कारण लगता है कि कांग्रेस पार्टी ने सनातन के अस्तित्व को नष्ट करने का बयान आने के बावजूद भी अभी तक बयान देकर अभी तक अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं किया है। कांग्रेस का जवाब नहीं देना, यह साबित करता है कि वह स्टालिन के बेटे के साथ है। कांग्रेस लगातार भारत की संस्कृति एवं सनातन का विरोध कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने शुरू से ही देश की संस्कृति पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक एवं करगिल युद्ध तमाम ऐसी नजीर हैं जिन पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता विदेश में जाकर भारत में बोलने की स्वतंत्रता नहीं होने के साथ लोकतंत्र को खतरे में बताते है।