राजस्थान के भजनलाल सरकार की विधायक दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा का डिप्टी सीएम पद खतरे में पडता नजर आ रहा है। दरअसल राजस्थान में भाजपा की सरकार बननें के बाद भजनलाल शर्मा को सीएम पद का जिम्मा सौंपा गया और इसी के साथ दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया गया। शपथ ग्रहण समारोह में भजनलाल शर्मा को सीएम पद की शपथ दिलाई गई तो वहीं दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई और इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल खडा किया था। कांग्रेस ने डिप्टी सीएम पद को असवैंधानिक बताया था। जिसके बाद मामले को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। जिसमें दोनों डिप्टी सीएम की शपथ को अवैध बताते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की गई है। अब हाईकोर्ट इस याचिका पर सुनवाई के लिए तारीख तय करेगा।
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले एडवोकेट ओमप्रकाश सोलंकी हैं का कहना है कि प्रेमचंद बैरवा और दिया कुमारी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है लेकिन संविधान में इस पद का कोई प्रावधान नहीं है। सोलंकी का कहना है कि डिप्टी सीएम सिर्फ राजनीति पद है वह मंत्री ही होता है। लेकिन दीया और प्रेमचंद ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है जो कानूनी तौर पर गलत है। इसलिए इन दोनों नियुक्ति को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। हालांकि इससे पहले इससे पहले 2018 में कांग्रेस राज में सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री बनाए गए थे। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री की जगह कैबिनेट मंत्री की शपथ ली थी।