राजस्थान में 7 विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान टोंक जिलें की देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने मतदान के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। इस दौरान रातभर बवाल रहा और ग्रामीणों ने वोटिंग का टाइम खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टियों को भी रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों में जमकर पथराव हुआ। उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। गुस्साए लोगों ने SP विकास सांगवान की गाड़ी भी तोड़ दी। इस बीच पुलिस ने रात करीब 9 बजे नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया। मीणा के समर्थकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे और भड़क गए। इसी दौरान नरेश मीणा को पुलिस ने आज दौपहर समरावता गांव से गिरफ्तार कर लिया।
नरेश मीणा पर 23 मुकदमे की एक लिस्ट भी सामने आये है। जिसमें नरेश पर मारपीट, राजकार्य में बाधा, हाईवे जाम सहित 23 केस दर्ज हैं। इनमें से 7 में उसकी गिरफ्तारी बाकी है। वही नरेश मीणा ने कल रात हुए घटनाक्रम के लिए एसपी और कलेक्टर को जिम्मेदार ठहराया। इनमें से 9 FIR तो पिछले डेढ़ साल की अवधि में, साल 2002 से शुरू हुआ नरेश का पुलिस रिकॉर्ड, 10 मामले राजकार्य में बाधा के, बलवा पैदा करने की स्थिति और सरकारी संपत्ति के नुकसान के भी कई मामले, 7 से ज्यादा मामलों में अभी तक बाकी मीणा की गिरफ्तारी, करीब डेढ़ दर्जन मामले अभी कोर्ट में, ज्यादातर दर्ज मामले जयपुर और गृह नगर बारां के मोठपुर के, अब नया मामला टोंक जिले में भी हुआ दर्ज
निर्दलीय नरेश मीणा के एसडीएम को थप्पड़ मारने की घटना के खिलाफ प्रदेश भर के आरएएस अफसर लामबंद हो गए हैं। आरएएस एसोसिएशन ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सभी जगह पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। सचिवालय में आरएएस अफसर काम छोड़कर गांधी प्रतिमा पर इकट्ठे हो गए हैं। सभी सरकारी दफ्तरों में आरएएस अफसरों ने काम बंद कर दिया है।एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी और प्रदेश के फील्ड में तैनात अफसरों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने तक सरकारी कामकाज के बहिष्कार का ऐलान किया है। वही खराड़ी ने कहा जब तक हमारी यह मांगे पूरी नहीं होती तब तक सभी अफसर कामकाज का बहिष्कार करेंगे।
वही नरेश मीणा ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा की मैने एसपी को कहा था कि मुझे भी गिरफ्तार कर लो, लेकिन एसडीएम पर भी कार्रवाई करो।मैंने दोपहर 3 बजे कहा कि कलेक्टर को नहीं तो एसपी को मौके पर बुला लो लेकिन एसपी भी नहीं पहुंचे। पुलिस ने लाठी मारकर मुझे चोटिल किया है।गिरफ्तारी देने को हूं तैयार हूं। मैंने भागना नहीं सीखा है। शुरूआत पुलिस प्रशासन ने की, हमने नहीं की। पुलिस ने लोगों पर मिर्ची बम फेंके। पुलिस वालों को हमने जमकर मारा है। इसके बाद पुलिस वाले भाग गए थे।
कचरावता ग्राम पंचायत के समरावता गांव को उनियारा तहसील से करीब सवा साल पहले नगर फोर्ट तहसील में कर दिया था। SDM कार्यालय देवली कर दिया गया था। देवली की दूरी करीब 100 किलोमीटर है जबकि नगर फोर्ट की 25 से 30 किलोमीटर है। इसके बाद से ही इसका विरोध शुरू हो गया था। गांव के लोग तहसील और एसडीएम मुख्यालय उनियारा करने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर विधानसभा चुनाव में भी मतदान का बहिष्कार किया था। जब मांग पूरी नहीं हुई तो बुधवार को वे पोलिंग बूथ से 200 मीटर दूर धरने पर बैठ गए। प्रत्याशी नरेश मीणा को इसकी जानकारी मिली तो वे भी धरने पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ वहीं बैठ गए।नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि जबरन वोट डलवाने की जानकारी मिली तो मैं मौके पर पहुंचा। वहां मौजूद कर्मचारी ने बदतमीजी की। इसके बाद मैंने थप्पड़ मार दिया। नरेश मीणा ने धमकाया कि कोई कर्मचारी बीजेपी का एजेंट बनकर काम करेगा तो उसका यही हाल होगा।