लोकतंत्र में जनता ही माई बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, में नतीजों से आहात जरूर हूं लेकिन अचंभित नहीं हूं,,,कांग्रेस पार्टी रिवाज बदल सकती थी लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे,,,,यह हार कांग्रेस की नहीं है ये हार हमारे अशोक गहलोत जी की है,,,,,ना ही उनका जादू चला और नाही उनका अनुभव,,,,हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस पार्टी ने अपनी योजनाओं के जरिए चुनाव जीतने की कोशिश की,,,लेकिन इस बार भी कांग्रेस को अपनी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिल सकी,,,,,
ये बयान और किसी का नहीं अशोक गहलोत के OSD लोकेश शर्मा का है,,,,,लोकेश शर्मा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का ठीकरा अशोक गहलोत के सर फोड़ा है,,,,
उन्होंने कहा गहलोत ने लगातार तीसरी बार सीएम रहते हुए पार्टी को फिर से हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया है,,,,गहलोत ने पार्टी से सिर्फ लिया ही लिया है,,,,पार्टी को कभी कुछ दिया नहीं है,,,,
आगे लोकेश शर्मा ने कहा ये जो नतीजे आए हैं इनके बारे में मैं पहले से ही जानता था और मुख्यमंत्री को भी मैंने पहले से ही इन नतीजों के बारे में बता दिया था,,,,लेकिन कहते है ना सच कड़वा होता है और हर कोई सच को स्वीकार नहीं करता है,,,,अशोक गहलोत ने भी कभी सच को स्वीकार नहीं किया,,,,मैंने उन्हें कई बार आगाह किया लेकिन उन्हें कोई भी ऐसा व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था जो उन्हें उनके सच के बारे में बताएं,,,,
मैंने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की है,,,,मैं 6 महीनों से लगातार राजस्थान के कस्बों, गांव और ढाणीयों में घूम रहा था,,,,मैंने 127 विधानसभाओं का जायजा लिया वहां के लोगों से बातचीत की,,,,जमीनी हकीकत के बारे में जाना,,,,आमजनता की समस्याएँ सुनी,,,और अशोक गहलोत को समय पर पूरी रिपोर्ट के बारे में बताया,,,जिससे समय रहते हुए पार्टी के पक्ष में सही फैसला लिया जा सके,,,जिससे पार्टी की वापसी सुनिश्चित हो,,,लेकिन अशोक गहलोत ने मेरी एक भी बात पर ध्यान नहीं दिया,,,,
बता दें की 25 सितम्बर को जो घटना हुई थी उसे लेकर लोकेश शर्मा ने गहलोत खेमे की विधायकों की बगावात पर निशान साधा,,,,और x पर लिखा 25 सितंबर की घटना पूरी तरह से प्रायोजित थी,,,,जब गहलोत ने आलाकमान के खिलाफ़ विद्रोह कर अवमानना की थी,,,,उसी दिन से ये सारा खेल शुरू हो गया था,,,,,जिसका परिणाम कल अशोक गहलोत को मिल गया है,,,,, अगर अशोक गहलोत चाहते तो समय रहते अपने लिए और पार्टी के लिए सही कदम उठा सकते थे,,,,,सही फैसला ले सकते थे जिससे कांग्रेस की सरकार राजस्थान में रिपीट हो सकती थी,,,,,,लेकिन ऐसा नहीं हुआ अशोक गहलोत की वजह से पूरी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है,,,,