राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने पीसीसी वार रूम में प्रेस वार्ता करते हुए भजनलाल सरकार पर हमला बोला उन्होने कहा की पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार भी पूर्णतया सम्पन्न नहीं हुआ ऐसी शोक की घड़ी में राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं सरकार ने राजस्थान में जो नए जिले एवं संभाग पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने गठित किए थे, उनमें से 9 जिले एवं 3 संभाग को निरस्त करने का जनविरोधी निर्णय लिया है। जो निंदा योग्य निर्णय है। खेद का विषय है कि जहां पूरे विश्व में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है तथा भारत सरकार ने सात दिवस का राजकीय शोक घोषित किया हुआ है, विदेशों में भी भारतीय दूतावासों पर झण्डे आधे झुके हुए है उसके बावजूद राजस्थान की डबल इंजन की सरकार ने ऐसा जनविरोधी निर्णय किया है जिसकी कल्पना प्रदेशवासियों ने नहीं की थी।
गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा की जनहित में प्रशासनिक सुविधा के लिए रिटायर्ड आईएस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की सिफारिशों पर प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने नए जिले एवं संभाग गठित किए थे तथा जनता को प्रशासनिक सुविधाएं प्राप्त हो, अधिक से अधिक लाभ मिले, यह महत्वपूर्ण फैसला कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के समय हुआ था किन्तु अपने 12 माह के कार्यकाल में राजस्थान की भाजपा सरकार ने जिले निरस्त करने का पहला फैसला केबिनेट बैठक में लिया है जो कि जनता के जनमानस के विरूद्ध है, 9 जिले एवं 3 संभागों को निरस्त करने के निर्णय की कांग्रेस पार्टी घोर निंदा करती है। वही उन्होने कहा की भारतीय जनता पार्टी के 9 जिलें एवं 3 संभागों को निरस्त करने के निर्णय के विरूद्ध कांग्रेस पार्टी प्रदेश में जन-आंदोलन करेगी। अगले वर्ष जनगणना प्रारम्भ होनी है, केवल 31 दिसम्बर, 2024 तक जिलों की सीमाओं के सीमांकन की छूट प्रदेश सरकार को मिली थी और न्यायालय में शीतकालीन अवकाश चल रहा है, इसलिए आनन-फानन में प्रदेश सरकार ने यह निर्णय किया है ताकि कोई कोर्ट में जाकर जनहित याचिका नहीं लगा सके और 01 जनवरी, 2025 से सीमांकन पर प्रशासनिक रोक लग जाएगी।
गोव्रिन्द सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर हमला बोलते हुए कहा की मुख्यमंत्री के बार-बार दिल्ली दौरों से प्रदेश को कोई सौगात नहीं मिली, ना ही ईआरसीपी राष्ट्रीय परियोजना घोषित हुई किन्तु जिले एवं संभाग निरस्त करने की पर्ची दिल्ली से मिल गई। जिलों एवं संभागों को समाप्त करने जैसा गलत निर्णय आज तक प्रदेश में किसी सरकार ने नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अलोकतांत्रिक, विवेकहीन, पर्ची से लिए गए निर्णय के खिलाफ जन-आंदोलन चलाएगी और आवश्यकता हुई तो न्यायालय की शरण भी ली जाएगी। वही उन्होने कहा की एक कमेटी प्रदेश में नए जिलों एवं संभागों के गठन की सिफारिश जनहित में प्रशासनिक दृष्टि से उचित बताते हुए करती है और दूसरी कमेटी बनाकर भाजपा द्वारा यह निर्णय किया गया जो कि प्रदेश के हितों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दिल्ली के सामने इस तरह समर्पण दिखाने की बजाए स्वयं के विजन एवं विवेक से निर्णय लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जो जिले नए गठित हुए थे वहां कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक लगे हुए हैं जिलों के कार्यालय बन रहे है, जिलाधीश भवन बन चुके है, उन जिलें एवं संभागों को इस तरह से समाप्त करने का निर्णय निंदनीय है एवं जनविरोधी है। भाजपा सरकार द्वारा कम दूरी की दलील देकर जिलों को समाप्त करना भी समझ से परे एवं तर्कहीन है। भरतपुर से डीग की दूरी सिर्फ 38 किलोमीटर है, लेकिन डीग को जिला बरकरार रखा गया है। जबकि सीकर से नीमकाथाना की दूरी 85 किलोमीटर, श्रीगंगानगर से अनूपगढ़ की दूरी 122 किलोमीटर और जालोर से सांचौर की दूरी 135 किलोमीटर होने के बावजूद नीमकाथाना, अनूपगढ़ एवं सांचौर तीनों जिलों को निरस्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चलाने के लिए तो सर्वदलीय बैठक भाजपा सरकार द्वारा बुलायी जाती है किन्तु इस तरह के बड़े निर्णय लेने से पूर्व भी सर्वदलीय बैठक बुलाकर भाजपा सरकार को लेनी आवश्यक थी। उन्होंने कहा कि आश्चर्य है कि उप मुख्यमंत्री जी भी अपने जिले को नहीं बचा सके जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल ने अपने गृह क्षेत्र के जिले का बचा लिया, यह आपसी अंर्तकलह भी उजागर हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित के लिए कार्य करना चाहिए लेकिन इस तरह के निर्णय राजनीतिक द्वेष की भावना से लिए गए जिससे जनता की परेशानियां बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि 01 जनवरी, 2025 तक राजकीय शोक है उसके पश्चात् कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश में जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भाजपा सरकार के विरूद्ध जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा और भाजपा की राजस्थान सरकार को इस निर्णय को बदलने के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले आमचुनावों में कांग्रेस की सरकार आएगाी और भाजपा सरकार द्वारा समाप्त किए गए जिलों एवं संभागों का पुनः गठन किया जाकर क्षेत्रीय जनता को लाभान्वित करने का कार्य किया जाएगा।