राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब ज़्यादा वक़्त नहीं बचा है। जैसे-जैसे वक़्त बीत रहा है वैसे-वैसे नेताओं की धड़कनें बढ़ती जा रही है। हर तरफ नजर है कि किस नेता को क्या पद मिला और किस समिति में उनको जगह मिली। राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा सीधे टक्कर में है और दोनों पार्टियां चुनावों में अपना पूरी ताक़त झोंक रही है।
आज बात करें भारतीय जनता पार्टी की तो वह पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर पदों को लेकर सघर्ष करती जा रही है। आलाकमान भी सघर्ष की स्थिति में हैं जिसे अभी समझना बाकी है कि उसे राजस्थान में अपने नेताओं के साथ क्या करना है जिसके चलते संगठन में दरार ना आएं।
आगामी चुनावों को मद्देनजर रखते हुए बीजेपी ने चुनाव प्रबंध समिति और प्रदेश संकल्प पत्र समिति के सदस्यों को चुना गया है। जिसमें वसुंधरा राजे के नाम ने चौंकाते हुए राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से अटकलों को जन्म दे दिया है। बता दें कि वसुंधरा राजे को दोनों ही समितियों में जगह नहीं मिली है। जिसके बाद से विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भागीदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इससे पहले भी भाजपा के "नहीं सहेगा राजस्थान" अभियान में भी वसुंधरा राजे की गैर-मौजूदगी ने बहुत सारे सवाल खड़े किये थे। अब जानते हैं कि चुनाव प्रबंध समिति और प्रदेश संकल्प पत्र समिति के सदस्यों के बारे में जान लेते हैं।
बीजेपी चुनाव प्रबंधन समिति की घोषणा एवं सदस्य
समिति में पूर्व सांसद एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंचारिया को उपाध्यक्ष, ओंकार सिंह लखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, भजनलाल शर्मा, दामोदर अग्रवाल, सीएम मीणा, कन्हैया लाल बैरवाल को सह संयोजक बनाया गया है। जबकि राजेंद्र सिंह शेखवात, प्रमोद वशिष्ठ, शंकर अग्रवाल, आनंद शर्मा, पंकज गुप्ता, निर्मल वर्मा, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, सुनील कोठारी, हीरेंद्र कौशिक, धनराज सोलंकी, निर्मल नाहटा, अभिषेक रावत, अपूर्वा सिंह और स्नेहा कांबोज को सदस्य बनाया गया।
बीजेपी प्रदेश संकल्प पत्र समिति की घोषणा एवं सदस्य
इस प्रदेश संकल्प पत्र समिति का संयोजक केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को बनाया गया है, जबकि किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी, अलका गुर्जर, सुभाष महरिया, राव राजेंद्र सिंह, प्रभुलाल सैनी और राखी राठौड़ को सह-संयोजक बनाया गया है। सुशील कटारा, हिमांशु शर्मा, अशोक रामदास अग्रवाल, रतनलाल गाडरी, रागोपाल सुधार, प्रभु धोबी, मोहन नाई, जसवंत विश्नोई, खेमराज देसाई, अशोक वर्मा, सीएम मीणा, ममता शर्मा, प्रकाश माली, श्याम सिंह चौहान, मनन चतुर्वेदी, जसबीर सिंह और एसएस अग्रवाल को अध्यक्ष बनाया गया।
अब देखने वाली बात होगी कि इन दोनों समितियों से वसुंधरा राजे के बाहर रहने से प्रदेश में भाजपा की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है