लोकसभा चुनाव को लेकर एक तरफ जहां राजनीतिक दलों के नेता लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ बड़े-बड़े दावे भी किए जा रहे हैं। बता दें कि जब से चुनाव शुरू हुआ है तब से ही सभी दलों के नेता एक दूसरे पर आरोप भी लगा रहे हैं। इस बार का लोकसभा चुनाव इंडिया बनाम NDA है। देश भर में चार चरणों के मतदान होने के बाद अब पांचवे चरण के मतदान के लिए तैयारियां हो रही हैं। नेताओं के भाषण भी खूब हो रहे हैं। इंडिया गठबंधन के नेता अब भाजपा पर जमकर बरस रहे हैं। इस बार के चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, नेता एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं। सियासी गलियारों की अगर हम बात करें तो ऐसा माना जा रहा है कि इस बार का लोकसभा चुनाव पिछले चुनाव से काफी अलग है। पिछले चुनाव में जहां दावा किया जा रहा था कि भाजपा और पीएम मोदी के सामने कोई और विपक्षी चेहरा नहीं है भाजपा की एकतरफा जीत होती थी। वहीं अब ये समीकरण बदल चुका है और नेताओं के बयानबाजी का लहजा भी पूरी तरह बदल चुका है। अब खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यह मान रहे हैं कि ये चुनाव राहुल बनाम मोदी बन चुका है।
लेकिन अभी मौजूदा समय की अगर हम बात करें तो न सिर्फ चुनावी समीकरण बदले हैं बल्कि नेताओं के सुर भी बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि शुरुआत में भाजपा 400 पार का नारा दे रही थी लेकिन अब ऐसा नहीं अब सुर बदल चुके हैं अब महज चुनाव जीतने की बात की जा रही है बस। वहीं दूसरी तरफ अगर हम विपक्षी दल कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। और विपक्षी एकता को देखते हुए भाजपा के खेमे में खलबली मची हुई है। इस बार का चुनावी नतीजा काफी हद तक चौंकाने वाला हो सकता है। ऐसे में चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी काफी हद तक सक्रिय नजर आ रहे हैं। लगातार जनसभा भी कर रहे हैं। न सिर्फ गांधी बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी भाजपा पर जमकर बरस रहे हैं।
बता दें कि एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने चुनावी भाषणों के जरिए लोगों को भड़काने और समाज को बांटने का आरोप लगाया। वहीं, इंडिया गठबंधन में शामिल उद्धव ठाकरे ने कहा कि अच्छे दिन चार जून के बाद आएंगे। खड़गे इंडिया ब्लॉक की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे, जहां एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और अन्य नेता मौजूद थे। विपक्षी गठबंधन ने मुंबई में चुनावी रैली की थी। खड़गे ने कहा, “मोदी से पहले कोई भी प्रधानमंत्री लोगों को इस तरह भड़काने में शामिल नहीं हुआ जैसा वह कर रहे हैं। वह बार-बार लोकतंत्र के बारे में बोलते हैं लेकिन लोकतंत्र के सिद्धांतों का पालन नहीं करते हैं।”
वहीं पीएम मोदी के इस बयान पर एक सवाल का जवाब देते हुए कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर पर बुलडोजर चलाएगी और धारा 370 को भी बहाल करेगी, खड़गे ने कहा, “हमने कभी किसी पर बुलडोजर नहीं चलाया। मोदी की आदत है, उन चीजों के बारे में झूठ बोलना और लोगों को भड़काना जो कांग्रेस कभी नहीं करेगी या जिन चीजों को लागू करना असंभव है।”अनुच्छेद 370 पर उनकी पार्टी के रुख के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा, “मैं मोदी के प्रति जवाबदेह नहीं हूं। हमने अपने घोषणापत्र में जो वादा किया है उसे लागू करेंगे। वह (मोदी) जहां भी जाते हैं, विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं, समाज को बांटने की बात करते हैं।”
बता दें चुनावी प्रचार के दौरान बलरामपुर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए कहा, “भाजपा हार नहीं रही है, भाजपा चुनाव हार चुकी है. उनकी भाषा और उनके भाषण से पूरे देश की जनता जान चुकी है कि उनका काउंटडाउन शुरू हो गया है. जितनी ऊंचाई पर जाना था वो जा चुके हैं, अब उन्होंने लुढ़कना शुरू कर दिया है. अब हर पार्टी के नेता भाजपा और पीएम मोदी को जमकर घेर रहे हैं देखना ये होगा कि इस बार के चुनाव में किस दल को कितना फायदा पहुँचता है। 4 चरणों के मतदान होने के बाद बचे हुए चरणों के मतदान की तैयारी हो रही है और सभी की निगाहें अब चुनावी नतीजों पर तिकी हुई हैं देखना ये होगा कि इस बार के चुनाव में किसे कितनी सफता मिलती है।