जयपुर (संदीप अग्रवाल): रजस्थान में जैसे ही बीजेपी सरकार सत्ता में आई वैसे ही प्रदेश में धरने प्रदर्शन शुरू हो गए थे। धरने प्रदर्शन करने वाले कोई और नहीं बलकि राजस्थान के वें युवा बेराजगार थे जो कांग्रेस राज की मार झेल रहे थे और रामराज की सरकार कही जाने भाजपा से नियुक्तियों की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब जब बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से राजस्थान में सरकार तो बना ली लेकिन युवा बेरोजगारों को संतुष्ट नहीं कर पाई। सीएम भजन लाल शर्मा से युवा बेराजगारों ने मांग की है कि उनकी नियुक्तियां जल्द से जल्द पुरी करने के निर्देश दे।
प्रदेश में बीजेपी की सरकार तो बन चुकी है, लेकिन कांग्रेस ने विरासत में उसके लिए दर्जनों मांगें छोड़ी है। जिससे बीजेपी सरकार बनने के 6 महीने बाद भी लड़ रही है। यानी सीएम भजनलाल के मुख्यमंत्री बनने के 6 महिनों बाद तक भी युवा सड़कों पर आंदोलन करता हुआ नजर आ रहा है। विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद जहां भाजपा को बड़े आंदोलनों का सामना करना पड़ा तो वहीं लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के साथ ही एक बार फिर से बीजेपी को युवाओं द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने और प्रदर्शनों का डर सता रहा है।
पिछली कांग्रेस सरकार से ही से ही प्रदेश में चिकित्सा विभाग में 8 कैडरों की भर्तियों को लेकर आंदोलन देखने को मिले, जो आज तक भी जारी है। इसी 2024 के साल जनवरी-फरवरी में हजारों अभ्यर्थियों ने शिफु के सामने 23 दिनों तक लगातार धरना देकर नियुक्तियों की मांग की थी। धरने के बाद 15 मार्च 2024 को आचार संहिता लगने से पूर्व 3 कैडरों जिसमें 109 नेत्र सहायक, 67 डेंटिस्ट और 155 इसीजी टेक्निशियन्स को तो नियुक्त्यिां मिल गई लेकिन बाकि बचे 8 कैडरों के अभ्यर्थी आज तक दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर हो रहे है।
चिकित्सा विभाग के आठ कैडरों में कुल 20 हजार 546 पदों को भरा जाना था। लेकिन कांग्रेस राज में ये नहीं हो पाया। ऐसे में मेडिकल के हजारों अभ्यर्थियों ने शिफु के सामने कडाके की ठंड में 23 दिनों तक धरना भी दिया था। इसमें भी बीजेपी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए और युवाओं के समर्थन के लिए आठ कैडरों में से तीन कैडर यानी 331 पदों को तो नियुक्तियां दे दी। लेकिन आज भी 20 हजार 215 पद नियुक्तियों का इंतजार है। सालों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे ये युवा फिर से आंदोलन की राह अपना सकते हैं, 5 कैडर के हजारों युवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधियों का कहना है की अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म हो चुकी है और अगर जल्द ही इनकी नियुक्ति पर फैसला नहीं लिया जाता है तो आने वाले समय में डबल इंजन सरकार की चिंता प्रदेश का युवा बढ़ाएगा , और इसका नजारा बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के परिणाम में देख लिया है
जैसे जैसे युवाओं के सब्र का बांध टुट रहा है वैसे वैसे बीजेपी की चिंताएं तो बढ़ ही रही है। इसी बीच राजस्थान सरकार से एक सुखद खबर भी सामने आ रही है। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही समीक्षा बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग ऑफिसर, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फार्मासिस्ट तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी के 14 हजार से अधिक पदों पर शीघ्र नियुक्ति देने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही सीएम ने सफाई कर्मियों के पदों पर 10 दिन में लॉटरी निकालने के भी निर्देश दिए हैं, सीएम भजन लाल ने साफ किया है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग में राजमेस भर्ती एजेंसी के माध्यम से आचार्य, सह-आचार्य एवं सहायक आचार्य के रिक्त पदों को जल्द भरने की कार्यवाही हो। इसके साथ ही सीएम ने सूचना सहायक भर्ती का परिणाम 2 सप्ताह में जारी करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।