मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशन में शिक्षा विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी पहल अंतर-राज्यीय डाइवर्सिटी एक्सप्लोरेशन विजिट मेधावी बालिकाओं के लिए एक असरदार कदम है। इसके अंतर्गत सत्र 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं को उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात आदि राज्यों का भ्रमण कराया जाता है। इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता की भावना एवं सामंजस्य को बढ़ाने के साथ विभिन्न राज्यों की विविध धरोहर एवं संस्कृति का शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक अध्ययन करने के साथ-साथ एक अनुकूल शिक्षा परिवेश को उत्पन्न करना है। इस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं को अन्य राज्यों की भाषा, साहित्य, खाद्य, त्योहार, सांस्कृतिक आयोजन एवं पर्यटन आदि क्षेत्रों में एक दूसरे के बारे में जानने का विशेष अवसर मिलेगा। अब तक 452 में से 63 बालिकाओं को भ्रमण का लाभ मिल चुका है। हाल में सिरोही , चूरु, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चित्तौड़गढ़ की बालिकाएं भ्रमण कर लौटी हैं, जबकि अन्य जिलों की छात्राओं का भ्रमण प्रक्रियारत है।
अधिकतम चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए केजीबीवी टाइप-1 से एक, टाइप-3 से दो और टाइप-4 से एक बालिका का चयन किया जाना है। शैक्षणिक सत्र् 2023-24 में कक्षा में प्रथम आने वाली छात्रा का चुनाव किया जाता है। किसी कारणवश, वह बालिका भ्रमण में भाग न ले पाए तो द्वितीय स्थान पर आयी छात्रा का चयन किया जाएगा। इसकी सूचना पहले राज्य स्तर पर कारण के साथ प्रेषित की जाती है। भ्रमण के लिए चयनित छात्रा के अभिभावकों से अनुमति अनिवार्य है। पारदर्शिता के लिए चयनित बालिकाओं की सूची समस्त विद्यालय के सामने चस्पा की जाती है।
प्रत्येक 15 बालिकाओं के एक दल पर एक शिक्षिका/दल प्रभारी का होना आवश्यक है, जोकि मुख्यत: टाइप 1 एवं टाइप 3 या मेवात विद्यालय/केजीबीवी की राजकीय शिक्षिका हो। प्रत्येक एक समूह पर जिला स्तर पर एक पुरूष अधिकारी का समूह के साथ जाना अनिवार्य है। नेतृत्व करने वाली शिक्षिका बालिकाओं को गंतव्य की सभी परंपराओं एवं रीति रिवाजों की संक्षिप्त जानकारी देना सुनिश्चित करती है। जिला स्तर पर अलग-अलग कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से आने वाली बालिकाओं का समूह बनाने का कार्य जिले में अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा किया जाता है। इसके लिए स्थानीय परिस्थिति, दिशा, एवं दूरी के आधार पर समूहों का निर्माण किया जाता है। भ्रमण एवं भ्रमण की सूचना विद्यालय को 10 दिन पूर्व भी भिजवा दी जाती है।
भ्रमण के दौरान अनुभवों और सीखने के बिंदूओं को दस्तावेज करने के लिए नोटबुक और सांस्कृति एकीकरण के लिए लोक संगीत एवं स्थानीय कला का प्रदर्शन जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाती है। विजिट उपरांत दल प्रभारी को एक सप्ताह के भीतर अपनी विजिट रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंपना एवं उनकी फोटोग्राफ एवं अनुभव रिपोर्ट राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के बालिका शाखा की मेल आईडी पर भेजना होता है। साथ ही व्यय रिपोर्ट भी प्रबंध पोर्टल पर दर्ज की जाती है। देश की विविध सांस्कृतिक धरोहर, संस्कृति, आचार विचार आदि को जानने और जीवन में उतारने का यह प्रयास निश्चित तौर पर एक सराहनीय कदम कहा जा सकता है।