राजस्थान की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। वहीं प्रदेश की सियासत से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। नागौर से पूर्व सांसद और दिग्गज नेता रहे नाथूराम मिर्धा की पोती ज्योति मिर्धा बीजेपी में शामिल हो गई हैं। मिर्धा ने राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सीपी जोशी की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा है। उनके साथ पूर्व आईपीएस सवाई सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
वहीं इसे कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि जाट समुदाय में इनका दबदबा माना जाता है और चुनाव में इस समुदाय की अहम भूमिका होती है। आपको बता दे ज्योति मिर्धा राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा नाम है। प्रदेश के जाट समुदाय में मिर्धा परिवार की अच्छी पकड़ है। ज्योति नागौर से कांग्रेस की सांसद रही हैं। बता दें कि नागौर जाट बाहुल्य क्षेत्र है। वहीं उनके बीजेपी में जाने के बाद जाट वोटर्स को साधने में बीजेपी को आसानी होगी।
वही दूसरी और ज्योति मिर्धा के बीजेपी मे शामिल होने पर कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा ज्योति मिर्धा के बीजेपी ज्वाइन करने से कांग्रेस पार्टी को कोई फर्क नहीं पडेगा। ज्योति मिर्जा जनता के बीच मे इतनी एक्टिव नहीं है। मिर्धा सिर्फ चुनाव के समय ही एक्टिव रहती है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा की ज्योति मिर्धा का फैमिली बैकग्राउंड राजनीति में रहा है, लेकिन ज्योति मिर्धा की राजनीति में इतनी पकड़ नहीं है। जनता भी चाहती है कांग्रेस वापस सत्ता में आए। जहां - जहां बीजेपी षड्यंत्र रचेगी वहां पर कांग्रेस मजबूती से उतरेगी।
वही आपको बता दे साल 2019 में कांग्रेस ने नागौर लोकसभा सीट से ज्योति मिर्धा को चुनावी मैदान में उतारा था। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। वहीं अब वे कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हो गई हैं।
बता दें कि ज्योति मिर्धा नाथूराम मिर्धा की पोती हैं। नाथूराम कांग्रेस के दिग्गज नेता थे। वे छह बार सासंद और चार बार विधायक रहे है। इसके अलावा नाथूराम केंद्र सरकार और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा सियासी घटनाक्रम है। ज्योति मिर्धा को राजस्थान के एक बड़े जाट चेहरे के रूप में देखा जाता है। ज्योति मिर्धा नागौर से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। वही आपको बता दे 2009 में मिर्धा के लिए सोनिया गांधी प्रचार भी कर चुकी हैं। इसे जाट बाहुल्य इलाके मे भाजपा का मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है। भाजपा के इस मास्टर स्ट्रोक से ना सिर्फ नागौर की सियासत पर असर पडेगा। बल्कि राजस्थान के जाट बाहुल्य इलाको मे भी इसका असर देखने को मिल सकता है।