राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है। इसका ही परिणाम है कि 2014 से 2024 तक 10 सालों में रेल गाडी दुर्घटनाओं के ग्राफ में तेजी से गिरावट आई है। 2014 में औसतन 135 रेल दुर्घटनाएं हो रही थी, जो 2024 अक्टूबर तक 35 पर आ गई। इतना ही नहीं, यूपीए और भाजपा सरकार के कार्यकाल का अवलोकन करें तो 2004 से 2014 में जहां औसतन 171 रेल दुर्घटनाएं सालाना हो रही थी, वहीं मोदी सरकार में 2014 से 2024 में यह संख्या प्रतिवर्ष 68 तक पहुंच गई या यूं कहां जाए कि रेल दुर्घटनाओं में 60 प्रतिशत की कमी आई है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में यह जानकारी दी।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा में लगातार वृद्धि कर रही है। रेल दुर्घटनाओं को कम करने के साथ ही भारतीय रेलवे रेल मार्ग का विद्युतीकरण, मानव रहित रेलवे फाटक तैयार करना और सुरक्षा की दृष्टि से स्वदेशी विकसित स्वचालित रेलगाडी संरक्षा प्रणाली ‘‘कवच‘‘ को लागू करने जैसे कार्य तेजी से कर रही है। कवच प्रणाली के तहत यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो कवच स्वचालित ब्रेक लगाकर गति सीमा में गाड़ी चलाने में सहायता करता है। भारतीय रेलवे ने 2019 में सभी बडी लाइन मार्ग पर मानव रहित समपार को समाप्त करने का कार्य किया। वहीं रेलवे द्वारा मानवीय विफलता के कारण होने वाली दुर्घटना को रोकने के लिए 6608 स्टेशनों पर केंद्रीकृत इलेक्ट्रोनिक इंटर लॉकिंग प्रणाली की व्यवस्था की गई है।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि भारतीय रेलवे ने जुलाई 2020 को कवच प्रणाली को लागू कर रेल दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है। कवच प्रणाली दक्षिण मध्य एवं उत्तर मध्य रेलवे के 1548 किलोमीटर मार्ग पर शुरू की जा चुकी है। वहीं अब दिल्ली मुंबई, दिल्ली हावडा रेल मार्ग पर करीबन 3 हजार किलोमीटर लाइन पर भी इस प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाएगा। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर करीबन 705 किलोमीटर पर तथा दिल्ली-हावडा रेल मार्ग पर 376 किलोमीटर तक कवच प्रणाली लागू करने का कार्य किया जा चुका है, शेष कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा। रेलवे ने अक्टूबर 2024 तक कवच प्रणाली लागू करने के लिए 5116 किलोमीटर रेल मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य पुरा कर लिया है। वहीं 687 रेल इंजनों में कवच का प्रावधान कर दिया गया तथा 10 हजार रेल इंजनों में इसकी संस्थापना के लिए परियोजना को अंतिम रूप दिया गया है।