11 वर्षीय बच्ची से तहसील कार्यालय ने मांगा पति-सास-ससुर का मूल निवास पोखरण तहसील की लापरवाही से परिजन हैरान, अधिकारी दे रहे टालमटोल जवाब
पोकरण तहसील कार्यालय में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हैरानी फैला दी है। यहां 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची रुकसाना के मूल निवास प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन को यह कहते हुए वापस भेज दिया गया कि वह अपने पति, सास या ससुर का मूल निवास संलग्न करे।
केलावा गांव निवासी रऊफ खान ने अपनी बेटी रुकसाना के नाम से मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
लेकिन पोकरण तहसील कार्यालय के एक कर्मचारी ने आवेदन फाइल पर टिप्पणी करते हुए लिखा — “पति का वोटर आईडी लगाओ या सास-ससुर का” — और आवेदन को सेंड बैक कर दिया।
इस टिप्पणी को देखकर परिजन दंग रह गए।
“बेटी सिर्फ 11 साल की है, पति का पहचान पत्र कहां से लाएं?”
रुकसाना के पिता रऊफ खान ने कहा,
हमारी बेटी केवल 11 वर्ष की है और स्कूल में पढ़ती है। उसका तो नया एडमिट कार्ड भी हाल ही में बना है। अब ऐसे में हम उसके पति या ससुराल पक्ष का पहचान पत्र कहां से लाएं? उन्होंने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया में इस तरह की गलती न केवल हास्यास्पद है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी दर्शाती है।
अधिकारी दे रहे टालमटोल जवाब, जनता में चर्चा का विषय बना मामला
बच्ची के परिजन अब तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
वे कभी संबंधित बाबू को नाबालिग होने की बात समझाते हैं, तो कभी सिस्टम की त्रुटियों का हवाला देते हैं। लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने इस मामले में जवाब देने या गलती सुधारने की जिम्मेदारी नहीं ली है।
जब एक अधिकारी से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने बात करने के बजाय फोन काट दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता इनाम मेहर ने कहा कि यह मामला प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। 11 वर्षीय बच्ची से “पति की पहचान” मांगना न केवल अज्ञानता बल्कि असंवेदनशीलता का भी परिचायक है।
शिवा पंवार चाचा द नगरी मिडिया पोकरण