डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड की सड़कों के समुचित रखरखाव में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रदेश में सड़क गुणवत्ता निरीक्षण यात्रा निकालेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ मिल कर निकाली जा रही यात्रा 30 मार्च रविवार, वर्ष प्रतिपदा से शुरू होगी। इसे सड़क गुणवत्ता निरीक्षण यात्रा के नाम से जाना जाएगा। यह यात्रा श्रीगंगानगर से प्रारम्भ होकर अधिकांश जिला केन्द्रों से होती हुई मई माह के मध्य में बुद्ध पूर्णिमा तक पूरी होगी।
विभाग के मुख्य अभियंता जसवंत खत्री ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय के संयुक्त तत्वाधान में यह यात्रा निकाली जागी। यात्रा का उद्देश्य "दोष निवारण अवधि (डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड) के अन्तर्गत आने वाली चिन्हित सड़कों के बारें में अभियन्ताओं और अध्ययनरत अभियान्त्रिकी छात्रों में जागरूकता बढ़ाना एवं सड़क सुरक्षा के तकनीकी विषयों के प्रति सामाजिक संवेदना जगाना है।
इस यात्रा की शुरुआत में सबसे पहले पौधारोपण, "सड़क सुरक्षा" एवं सड़कों के सामान्य गुणवत्ता निरीक्षण के मापदण्डों पर तकनीकी संवाद का आयोजन किया जाएगा। पोलिटेक्निक कॉलेज के छात्र इस यात्रा के बाद अपने अपने क्षेत्रों में जनता से संवाद कर उन्हें जानकारी देंगे। जनभागीदारी बढ़ाने की कवायद, दोष निवारण अवधि की सड़कों के निर्माण के समय ही उसके एक निश्चित समय तक रखरखाव करने का जिम्मा भी ठेकेदार का होता है। अच्छी गुणवत्ता की सड़कों के लिए यह शर्त लगाई गई है। लेकिन कई बार ये सड़कें समय से पहले ही खराब होना शुरू हो जाती हैं, इस यात्रा के माध्यम से लोगों को इन सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर किस तरह से विभाग तक जानकारी पहुंचा सकते हैं यह बताया जाएगा। ताकि सड़कों को उनकी निश्चित अवधि व उसके बाद भी अच्छी स्थिति में बनाए रखा जा सके।
श्रीगंगानगर से प्रारम्भ हो यात्रा बीकानेर, सिरोही, उदयपुर, बांसवाड़ा.भीलवाड़ा, टोंक, कोटा, सवाईमाधोपुर, अलवर, जयपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर नागौर, झुंझुनूं होते हुए हनुमानगढ़ तक पहुंचेगी।